पटना. लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी रविवार को मंत्री पद की शपथ ले ली है. इसी के साथ लगातार 3 बार सांसद और 100 प्रतिशत की स्ट्राइक रेट बरकरार रखने वाले चिराग पासवान पीएम नरेंद्र मोदी की टीम में शामिल हो गए हैं. चिराग पासवान ने वैसे तो अपने करियर की शुरुआत राजनीति से नहीं फिल्मों से की थी. लेकिन, शायद फिल्मों में ज्यादा मन नहीं लगने के कारण चिराग पासवान ने अपनी राजनीतिक विरासत के महत्व को समझते हुए 2014 से ही फुलटाइम पॉलिटिक्स में एंट्री मारी और पहली बार जमुई लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे.

जीत की हैट्रिक लगाने वाले चिराग पासवान ने 2014 और 2019 में बिहार की जमुई लोकसभा सीट से चुनाव जीता था. वहीं लोकसभा चुनाव 2024 में में चिराग पासवान ने अपनी परंपरागत सीट हाजीपुर से जीत दर्ज की और मोदी कैबिनेट में शामिल हो गए हैं. खुद को पीएम मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग पासवान 2014 से लगातार एनडीए गठबंधन का हिस्सा रहे हैं. बीच में चाचा पशुपति पारस और नीतीश कुमार से तकरार के बाद भी चिराग ने एनडीए का साथ कभी नहीं छोड़ा. चिराग ने भले ही पशुपति पारस और नीतीश कुमार पर तीखी बयानबाजी की. लेकिन, पीएम मोदी और बीजेपी पर चिराग ने आजतक कोई हमला नहीं किया. चिराग पासवान ने एनडीए के भविष्य को देखते हुए लगातार 3 लोकसभा चुनावों में गठबंधन का हिस्सा बने रहे.
क्या चिराग देश के दूसरे मौसम वैज्ञानिक?
चिराग पासवान की इस दूरगामी विजन को अब उनके पिता रामविलास पासवान की राजनीतिक समझ और परिपक्वता से भी जोड़कर देखा जा रहा है. तभी तो अब चिराग पासवान को भी उनके पिता रामविलास पासवान की तरह राजनीति का मौसम वैज्ञानिक बताया जा रहा है. रामविलास पासवान एनडीए और यूपीए दोनों सरकारों में मंत्री रह चुके थे. भले ही चिराग पासवान पहली बार मंत्री बने हैं. लेकिन, पिता के गुजरने के बाद चिराग पासवान ने कई मौकों पर पार्टी और परिवार दोनों को संभालने का काम किया. चिराग पासवान न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश के एक चर्चित युवा चेहरे के रूप में पॉपुलर हो रहे हैं, जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि चिराग पासवान भविष्य में और बड़ी ज़िम्मेदारी संभाल सकते हैं.
जानें कैसा रहा है चिराग पासवान का करियर
बता दें, चिराग पासवान का जन्म 31 अक्टूबर 1982 को दिल्ली में हुआ था. वह इंजीनियरिंग में स्नातक हैं. चिराग पासवान ने 2011 में कंगना रनौत के साथ एक हिंदी फिल्म मिले ना मिले हम में अभिनय किया था. लेकिन, यह फिल्म कुछ खास कमाल नहीं कर सकती थी. इसके बाद चिराग पासवान राजनीति में आ गए. चिराग पासवान ने अपने चुनावी करियर की शुरुआत 2014 में की थी तब चिराग पासवान ने जमुई की सीट से लोक जनशक्ति पार्टी के लिए 2014 का चुनाव लड़ा था.
उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुधांशु शेखर भास्कर को 85,000 से अधिक मतों से हराकर पहली बार लोकसभा में प्रवेश किया था. इसके बाद चिराग पासवान ने 2019 के चुनावों में भी अपनी सीट बरकरार रखी, कुल 528,771 वोट हासिल कर निकटतम प्रतिद्वंद्वी भूदेव चौधरी को हराया. इसके बाद 2024 में चिराग ने जीत की हैट्रिक हाजीपुर सीट से लगाई. अपने पिता की विरासत वाली सीट हाजीपुर से चिराग पासवान ने जीत हासिल की. उन्होंने RJD के शिवचंद्र राम 1,70,000 वोटों से हराया. वहीं इस बार चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी ने पांच की पांच सीटों पर जीत दर्ज की है.









