मुजफ्फरपुर : गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ बच्चों के जीवनशैली पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव होने के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। बुधवार को अस्पताल में अचानक से बीमार बच्चों को लेकर स्वजन पहुंचने लगे। शाम हाेते-होते संख्या 250 के पार पहुंच गई। सभी बच्चे उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित पाए गए। अस्पताल में इन सभी को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया।

अस्पताल के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। यह डायरिया के लक्षण है। इसी के अनुसार इलाज किया जा रहा है। जिन बच्चों की स्थिति अधिक खराब है, उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। इस कारण बेड भी फुल हो चुका है। बच्चों की हालत को लेकर स्वजन चिंतित दिखे। कांटी से अपने डेढ़ माह के दुधमुंहे को लेकर पहुंची रानी देवी ने बताया कि तीन दिन से तबियत खराब है। लगातार उल्टी-दस्त कर रहा है। अब बुखार भी लगने लगा है। स्थानीय चिकित्सक को दिखाए थे, लेकिन सुधार नहीं हुआ। चिकित्सक ने बच्चे की हालत देखकर उसे भर्ती कर लिया है।

शिशु रोग विभागाध्यक्ष ने कहा कि गर्मी में स्वजन को बच्चों के प्रति अधिक सजग रहने की आवश्यकता है। उतार-चढ़ाव होने पर बच्चे इसे झेल नहीं पाते हैं और बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। अभी का जो माह चल रहा है, उसमें अधिक खतरा बना रहता है।

सदर अस्पताल और एसकेएमसीएच में भर्ती हो रहे बच्चे
सदर अस्पताल और विशेष रूप से एसकेएमसीएच में भी डायरिया पीड़ित बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। बुधवार को सौ से अधिक बीमार बच्चे इन अस्पतालों में पहुंचे। इनमें से कुछ का आन स्पाट इलाज किया गया। जबकि गंभीर रूप से बीमार बच्चे को पीकू में भर्ती किया गया है। लक्षण पर निगरानी कर रहे चिकित्सक : उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित बच्चों के लक्षण पर चिकित्सक लगातार निगरानी कर रहे है। क्योंकि इस मौसम में एईएस का भी अधिक खतरा रहता है। इसलिए बच्चों के लक्षण पर विशेष नजर रखी जा रही है। थोड़ा भी संदेह होने पर उसी अनुसार इलाज किया जाएगा। हालांकि बुधवार को पहुंचे मरीजों में एईएस लक्षण वाले मरीज नहीं दिखे हैं। फिर भी एहतियातन निगरानी की जा रही है।











