मुजफ्फरपुर: पारू प्रखंड क्षेत्र के मोहज्जमा गांव में एक गरीब, असहाय व अनाथ युवती की शादी की चर्चा हर जुबान पर है। युवती रेखा कुमारी के बचपन में ही उसके माता- पिता और दादा- दादी की मौत हो चुकी थी तो गांव के मुंहबोली मौसी ने उसका लालन पोषण किया। जो मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण किसी तरह चलाती हैं। जमीन – जायदाद के नाम पर केवल झोपड़ीनुमा एक घर है। शादी की तिथि नजदीक आने पर मौसी को चिंता सताने लगी कि खाने के लिए तो सोचना पड़ता है। कभी मजदूरी नहीं मिलने पर भूखे सोने पर मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में बेटी की शादी कैसे होगी?

इसकी जानकारी मिलते ही देवरिया थाने के धरफरी गांव के एक सामाजिक कार्यकर्ता रोहित साव ने सामाजिक स्तर पर बैठक कर इस शादी की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर तन मन धन से जुट गए। रोहित ने सोशल मीडिया पर मौसी के जरिए लोगों से मदद की अपील करवाई। रोहित ने अपना बैंक के खाता नंबर डाला और पांच दिन के अंदर पर्याप्त करीब 60 हजार रुपए खाते में जमा सहित अन्य उपहार सामग्री जमा हो गए। सामाजिक कार्यकर्ताओं के टीम में डॉ. हरिओम कुमार, साहिल कुमार, गजेन्द्र कुमार, गौतम कुमार, अरविंद कुमार, निर्मल कुमार, अरविंद मिश्रा आदि थे।

प्रखंड के कुछ पदाधिकारी, मुखिया, सरपंच, प्रमुख व दारोगा सहित समाज के लोगों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी लेकर दुल्हा रंजन कुमार और दुल्हन के कपड़े व सोने – चांदी के जेवरात से लेकर उपहार सामग्री तक की व्यवस्था कर सामाजिक चेतना की मिशाल कायम की। बारात पारू प्रखंड के उस्ती गांव से आई थी। इसके पूर्व भी रोहित साव ने 2021, 2023 व 2024 के 26 अप्रैल को देवरिया थाने के दुबौली गांव के ही तीन अनाथ, निर्धन व असहाय युवतियों की शादी चंदा व सहयोग लेकर करा चुके हैं।









