मानसून की दस्तक के साथ ही गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। नेपाल में हो रही बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर 80 हजार क्यूसेक तक बढ़ गया है। सामान्यतः गंडक नदी में जून माह के अंत में जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। फिलहाल, गंडक नदी का जलस्तर 80 हजार क्यूसेक को पार कर गया है। बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर जलसंसाधन विभाग के द्वारा कई दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, बाढ़ अवधि प्रारंभ होने पर इसकी जानकारी ससमय उपलब्ध कराई जा रही है। मानसून प्रारंभ होने से पूर्व ही गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हो चुकी है।
‘विस्थापन के अलावा कोई विकल्प नहीं’
चकदहवा निवासी गुलाब अंसारी, पप्पू कुमार, रामसमुझ पंडित, उमेश कुमार इन दिनों गंडक नदी की ओर देखते हैं तो डर के मारे सिहर उठते हैं। गंडक नदी में इस साल भी पानी बढ़ रहा है। गंडक नदी के कहर से बचने के लिए इनके पास विस्थापन के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने बताया कि बाढ़ आने पर वह अपने बीबी-बच्चों के साथ चार माह बांध पर गुजारा करेंगे। इनकी तरह ही चकदहवा में रहने वाले सैकड़ों लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी हैं।
‘घरों में पानी घुस जाएगा’
ग्रामीण बताते हैं कि पानी अगर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में घरों में पानी घुस जाएगा। पानी बढ़ने की जो रफ्तार है उसे देखकर लगता है कि इस साल भी बाढ़ हमारा घर उजाड़ देगी। एक-एक पल गुजरने के साथ बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। बहरहाल, जलस्तर में वृद्धि के बावजूद सरकार के द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए है। अलबत्ता, जल संसाधन विभाग की तरफ से यह आश्वासन जरूर मिल रहा है कि अभियंता बाढ़ से निबटने को पूरी तरह तैयार है।








