पटना: लोकसभा चुनाव में भले ही एनडीए (NDA) को बिहार में उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं मिली हो. लेकिन, एनडीए बिहार में अपनी एकजुटता दिखाने के लिए लगातार प्रयासरत है. बिहार में एनडीए एकजुट होकर विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गया है. दरअसल एनडीए लोगों के बीच यह मैसेज देना चाहती है कि लोकसभा चुनाव में कम सीटें मिलने के बाद भी उनका गठबंधन पूरी तरह से एकजुट है. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इसी एकजुटता को दिखाने के लिए एनडीए की ओर से 5 जुलाई को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में एक भव्य कार्यक्रम किया जाएगा. इस कार्यक्रम में बिहार से केंद्र में मंत्री बने सांसदों को सम्मानित किया जाएगा.
दरअसल बिहार एनडीए ने एक बड़ा फैसला करते हुए तय किया है कि बिहार से केंद्र में एनडीए के जिन 8 मंत्रियों ने शपथ लिया है उन तमाम मंत्रियों को एक साथ एक मंच पर लाकर सम्मानित किया जाए ताकि इसका बड़ा मैसेज ना सिर्फ एनडीए के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिया जा सके बल्कि बिहार की जनता को भी यह संदेश जाए कि बिहार एनडीए के जितने भी नेता केंद्र में मंत्री बने है वो एक साथ एकजुट होकर बिहार की सेवा कर रहे हैं.

इस कवायद के पीछे एक और वजह भी बताई जा रही है. दरअसल अलग अलग जातियों से अलग-अलग पार्टी के सांसद केंद्र में मंत्री बने हैं. ऐसे में जब पटना में अलग-अलग जतियों का जुटान हो तो उनके अन्य दलों के समर्थकों के बीच भी कोई नाराजगी नहीं रहे. इस कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी बीजेपी युवा मोर्चा को दिया दी गयी है. इस कवायद से ना सिर्फ गुटबाजी पर रोक लगेगी बल्कि एकजुटता का बड़ा संदेश भी एनडीए के तरफ से जाएगा जिसका फायदा 2025 विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिल सकता है.

बता दें, बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एनडीए के अंदर गुटबाजी के कारण गठबंधन को नुकसान हुआ था. 2020 चुनाव में यह देखने को मिला था कि आपसी गुटबाजी की वजह से जदयू को बड़ा झटका लगा था. अब ऐसी गलती आगे ना हो इसकी कोशिश बीजेपी ने शुरू कर दी है जिसका समर्थन एनडीए के तमाम दलों ने किया है.









