शिक्षा विभाग के नए नियम से शिक्षक परेशान, उपस्थिति बनाने के लिए खेत और छत पर नेटवर्क ढूंढ रहे गुरुजी

शिक्षकों को जीपीएस युक्त एप के माध्यम से अटेंडेंस बनाने के लिए विद्यालय के आसपास भटकना पड़ रहा है उन्हें विद्यालय का अपना लोकेशन ट्रैक करने के लिए कभी छत तो कभी रोड तो कभी खेत में जाना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला चरपोखरी प्रखंड के लाखा हाई स्कूल में देखा गया। जहां विद्यालय के शिक्षकों को देखा गया कि विद्यालय आने के साथ ही अपने मोबाइल लेकर विद्यालय के आसपास अटेंडेंस बनाने के लिए भटकते रहे।

ऑनलाइन हाजिरी बनाने में परेशान दिखे शिक्षक, कोई टंकी पर चढ़ा तो कोई पेड़ पर  लटका - Muzaffarpur News

शिक्षकों को अटेंडेंस बनाने के लिए स्कूल की छत और सड़क किनारे जाना पड़ा

कुछ शिक्षकों से बातचीत की गई, उन्होंने बताया कि मोबाइल में अटेंडेंस बनाने के लिए विद्यालय की छत तथा सड़क किनारे जाना पड़ रहा है कई बार प्रयास करने के बाद उपस्थित सफलतापूर्वक दर्ज हो रही है। इसको लेकर प्राचार्य बाल गंगाधर तिलक ने बताया कि कई शिक्षकों को सड़क पर तथा बाजार की ओर भी जाना पड़ रहा है।

शिक्षकों को एक जुलाई से ऑनलाइन उपस्थिति बनाना अनिवार्य कर दिया गया

शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक जुलाई से ई-शिक्षा कोष मोबाइल एप से हाजिरी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए मोबाइल एप से हाजिरी नहीं बनाने वोल शिक्षकों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की भी बात कही गई है। यही नही कहा गया है कि मोबाइल एप से हाजिरी नहीं बनाने पर उन्हें स्कूल से अनुपस्थित समझा जाएगा।

 

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