बिहार विधानसभा मानसून सत्र का चौथा दिन, आज प्रथम अनुपूरक बजट होगा पास

पटना: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है. पिछले दो दिनों से विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सदन के कार्यवाही सही ढंग से नहीं चल पा रही है. ऐसे हंगामे के बीच सरकार जरूर महत्वपूर्ण विधेयक पास करा रही है लेकिन जनता के सवाल का जवाब नहीं मिल पा रहा है. चौथे दिन गुरुवार को भी बिहार विधानसभा की कार्यवाही 11:00 बजे से शुरू होगी और आज प्रश्न काल में कृषि विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और अन्य से संबंधित प्रश्न सदन में लाए जाएंगे, जिसका संबंधित विभाग के मंत्री और प्रभारी मंत्री जवाब देंगे.

Monsoon Session Of Bihar Assembly47512 करोड़ से अधिक का है पूरक बजट

प्रश्न काल के बाद शून्य काल में भी सदस्य तात्कालिक विषयों को सरकार के सामने सवाल उठाएंगे. उसके बाद मध्यान आकर्षण में सदस्यों के प्रश्नों का सरकार के तरफ से विस्तृत उत्तर दिया जाएगा. यह सब तब होगा जब सदन की कार्यवाही सुचारू ढंग से चलेगी. क्योंकि पिछले दो दिनों से प्रश्न काल नहीं चल पा रहा है और सदन की कार्यवाही हंगामें की भेंट चढ़ रहा है. दूसरे हाफ में सरकार की ओर से प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी और चर्चा के बाद सरकार का प्रश्नों का उत्तर देगी. सरकार विनियोग विधेयक सदन से पास कराएगी. प्रथम अनुपूरक बजट 47512 करोड़ से अधिक का है.

बिहार की परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने का कानून

बुधवार को विपक्षी दलों के हंगामे के बीच पेपर लीक रोकने के लिए सरकार ने विधेयक पास करा लिया. विधेयक में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं जिसमें तीन साल से 10 साल तक की सजा और एक करोड़ तक का जुर्माना का प्रावधान किया गया है. इस कानून का बिहार में आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा पर असर होगा जिसमें बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बिहार तकनीकी सेवा आयोग, बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग, बिहार पुलिस और सेवा आयोग, केंद्रीय सिपाही चयन परिषद और राज्य सरकार की तरफ से अनुसूचित सारे प्राधिकरण जो प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करता है, उसपर इस कानून का असर पड़ेगा.

पेपर लीक रोकने के कानून की अहम बातें

पेपर लीक को रोकने के लिए जो विधेयक पास हुआ है उसमें प्रश्न पत्र या उत्तर किसी हिस्से को परीक्षा से पहले जारी करना अपराध होगा. प्रश्न पत्र या उत्तर लीक करने में दूसरों के साथ शामिल होना अपराध होगा, किसी अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा एक या अधिक प्रश्न पत्रों का हल करना भी अपराध होगा, अनाधिकृत तरीके से अभ्यर्थी की प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सहायता करना भी अपराध में आएगा, उत्तर पुस्तिकाओं और उसके मूल्यांकन में छेड़छाड़ करना अपराध होगा, किसी अभ्यर्थी की मेरिट या रैंक के दस्तावेज से छेड़छाड़ करना भी अपराध माना जाएगा.

पहले ऐसा था कानून

धोखा देने या पैसा कमाने के लिए जाली वेबसाइट बनाना भी अपराध की श्रेणी में आएगा, अभ्यर्थी के रोल नंबर, तारीख, पालियों के आमंत्रण में हेर फेर और सुरक्षा उपकरणों से छेड़छाड़ अपराध में आएगा. प्राधिकार के बिना अनुमति प्रश्नपत्र या उत्तर पुस्तिका तक पहुंचना या उसे कब्जे में लेना अपराध माना जाएगा. डीएसपी अस्तर के अधिकारी मामले की जांच करेंगे और फिर इसमें जुर्माना होगा. बिहार में 1981 में एक कानून लाया गया था लेकिन उसमें सख्त सजा के प्रावधान नहीं थे केवल 6 महीने की सजा थी और उसमें अधिकांश पेपर लीक करने वाले गिरोह छूट जाते थे लेकिन नया कानून काफी सख्त है.

कब तक चलेगा सदन?

पेपर लीक रोकने के विधायक के साथ पहली बार लिफ्ट और एक्सीलरेटर को लेकर भी बिहार सरकार ने विधेयक पास कराया है जिसमें अब सभी को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा विधानसभा का मानसून सत्र 26 जुलाई तक चलेगा और आज चौथा दिन है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पिछले तीन दिनों से सत्र में नहीं आ रहे हैं. वो आज आते हैं कि नहीं इस पर सब की नजर रहेगी लेकिन विपक्षी दलों के तेवर से साफ है कि आज भी सदन की कार्यवाही हंगामेदार होने वाली है.

  

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading