बिहार का पर्यटन विभाग अपनी खोई जमीनों को तलाशने में लगा है। यानी ऐसी जमीनें जो पर्यटन विभाग की थी लेकिन अब तक उस पर कब्जा नहीं हो पाया था। जमीनों की तलाशने की पहल के तहत पर्यटन विभाग ने अपनी 113 एकड़ खोई जमीनों को पा लिया है। भूमि एंव राजस्व विभाग के पुराने आंकड़े मिलने के बाद पर्यटन विभाग को इसकी जानकारी मिली है।

पर्यटन विभाग को सबसे ज्यादा जमीन सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में मिली है। 113 एकड़ में 49 एकड़ जमीन नालंदा से आई है। दूसरे स्थान पर सहरसा है। यहां 22 एकड़ जमीन मिली है। मुंगेर में 13 एकड़, वैशाली में 12 एकड़, भागलपुर में 9 एकड़ और पश्चिम चंपारण में 5 एकड़ जमीन प्राप्त हुई है।

दरअसल, इन दिनों टूरिज्म स्पॉट विकसित करने के लिए विभाग जोर-शोर से लगा हुआ है। यह अभियान राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे के फोक्सड था। इनके किनारे बिहार में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। बिहार सरकार प्रदेश के पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग कर रहा है।

सरकार इस क्षेत्र से रोजगार और कमाई का रास्ता तलाश रहा है। इसी को लेकर भूमि सुधार विभाग के साथ कॉर्डिनेशनल चल रहा है। अब नई जमीन पर पर्यटक सुविधाएं देने की योजना विभाग कर रहा है। बिहार सरकार भी राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने में मदद के लिए 5,000 एकड़ का भूमि बैंक बना रही है।







