बिहार में मंत्रियों की सिक्योरिटी पर सियासी उबाल

पटना: बिहार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेसी सिंह को जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. इसके साथ ही सीतामढ़ी से जदयू सांसद देवेशचंद्र ठाकुर और नवादा से भाजपा सांसद विवेक ठाकुर को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. बिहार राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में इसका निर्णय लिया गया जिसके बाद तीनों नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने की अनुशंसा की गई. गृह विभाग की विशेष शाखा के इससे जुड़ा आदेश जारी करने के बाद से ही बिहार की राजनीति में उबाल है.

इसको राजद ने जातिवादी एंगल देने की कोशिश की है और राजद ने मंत्रियों को जेड और वाई श्रेणी सुरक्षा देने पर भी सवाल खड़े कर दिए. इतना ही नहीं, स्वयं तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी की ओर से सिक्योरिटी में जातिवाद के मुद्दे को नई हवा दी जा रही है. हालांकि, राजद के अटैक के बाद बिहार सरकार की ओर से भी पलटवार शुरू हो गया. लेकिन पहले जानते हैं कि राजद की ओर से क्या आरोप लगाए गए हैं.

बता दें कि राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने बिहार सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, बिहार में सरकार नीतीश नहीं चला रहे बल्कि अगल-बगल में रहने वाले लोग शासन चला रहे हैं. बिहार के तमाम मंत्री को Z और Y श्रेणी की सुरक्षा दी गई. सरकार ने माना कि अब बिहार में जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं है. सभी अगड़ों को ही सुरक्षा दी गई. पिछड़ा और अतिपिछड़ा मंत्री को सुरक्षा क्यों नहीं है. लेसी सिंह को अचानक सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ी? शक्ति यादव ने आगे कहा, नीतीश कुमार अचेतन अवस्था में चले गए हैं. एडीजी और डीआईजी मुंशी की तरह काम कर रहे हैं.

बिहार में मंत्रियों की सुरक्षा पर तेजस्वी की पार्टी ने जो टिप्पणी की है वह एक तरह से अगड़ा और पिछड़ा करने की कवायद मानी जा रही है. लेकिन बिहार सरकार के ही पिछड़ा समाज से आने वाले सूचना जनसंपर्क विभाग के मंत्री महेश्वर हजारी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा है किपारिवारिक आधार पर सरकार सुरक्षा नहीं देती है बल्कि सुरक्षा वैसे लोगों को दी जाती है जिनपर खुफिया विभाग की सूचना आती है कि उनपर खतरा है. खतरे की व्यापकता को देखते हुए जेड श्रेणी या वाई श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है न कि व्यक्तिगत संबंधों के कारण.

महेश्वर हजारी ने दिया जवाब
महेश्वर हजारी ने इस बात का भी जवाब दिया जिसमें तेजस्वी यादव बिहार सरकार पर सवाल उठाया था कि कई मंत्रियों को सुरक्षा दी गई लेकिन महेश्वर हजारी को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई. इस पर महेश्वर हजारी ने कहा कि हमें कोई सुरक्षा नहीं चाहिए. हमें कोई डर नहीं लगता है. मैं दो बजे रात में भी घूमता हूं और हमें कोई डर नहीं लगता. मैं मोटरसाइकिल पर घूमने वाला व्यक्ति हूं हमें सुरक्षा की कोई आवश्यकता नहीं.

पिछड़े-अगड़े सभी का पलटवार
वहीं मद्य निषेध विभाग के मंत्री रत्नेश सदा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमको कोई सुरक्षा नहीं चाहिए, हम बिल्कुल सुरक्षित हैं. हमको जरूरत पड़ेगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सुरक्षा मांग लेंगे. दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने तेजस्वी यादव द्वारा मंत्रियों के साथ भेदभाव कर सुरक्षा देने के आरोप पर कहा कि इसमें तेजस्वी यादव को दिक्कत क्यों हो रही है. खुद जब उपमुख्यमंत्री थे तो अपनी सुरक्षा पर बेवजह खर्च किया था. सुरक्षा के नाम पर कितना बड़ा काफिला लेकर चलते थे भूल गए वह. खुद के ऊपर सरकार के साधनों का दुरुपयोग करवाते थे, खुद जो गलती की है उसको याद करें और उसे पर सफाई दें.

मंत्री लेसी सिंह को खतरा!
बता दें कि लेसी सिंह लोकसभा चुनाव के अलावा पूर्णिया उपचुनाव में भी काफी मुखर रही हैं. खुफिया रिपोर्ट में पूर्णिया और आसपास के इलाकों के बाहुबालियों और असामाजिक तत्वों से लेसी सिंह को खतरा बताया गया है. इसको देखते हुए उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय हुआ है. वह बिहार की पहली महिला मंत्री हैं, जिन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है.

जेड श्रेणी में होते हैं 22 सुरक्षाकर्मी
गौरतलब है कि जेड श्रेणी की सुरक्षा में 22 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें पांच से छह कमांडो व अन्य पुलिस जवान सुरक्षा प्रदान करते हैं. वहीं, दोनों सांसदों को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. इसमें 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें दो से तीन कमांडो और शेष पुलिस के जवान सुरक्षा में तैनात होते हैं.

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