भगवान श्रीकृष्ण की सबसे प्रिय राधारानी का जन्म भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था. इस वजह से हर साल उस तिथि को राधा अष्टमी मनाते हैं. राधा अष्टमी को राधा जयंती के नाम से भी जानते हैं. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से 14 या 15 दिन बाद राधा अष्टमी का उत्सव मनाया जाता है. इस साल राधा अष्टमी के दिन रवि योग बन रहा है.

राधा अष्टमी 2024 तारीख
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 10 सितंबर मंगलवार को रात 11 बजकर 11 मिनट से शुरू हो रही है और इस तिथि का समापन 11 सितंबर बुधवार को रात 11 बजकर 46 मिनट पर होगा. उदयातिथि के आधार पर राधा अष्टमी का पावन पर्व 11 सितंबर को मनाया जाएगा.

राधा अष्टमी 2024 मुहूर्त
इस बार राधा अष्टमी के दिन लाडली जी की पूजा के लिए आपको 2 घंटे 29 मिनट का शुभ समय प्राप्त होगा. जो लोग व्रत रखेंगे, वे दिन में 11 बजकर 03 मिनट से दोपहर 1 बजकर 32 मिनट तक राधा अष्टमी की पूजा कर सकते हैं. राधा अष्टमी की पूजा दोपहर में करते हैं.

2 शुभ योग में राधा अष्टमी 2024
इस साल राधा अष्टमी के दिन 2 शुभ योग बन रहे हैं. राधा अष्टमी पर प्रीति योग सुबह से लेकर रात 11 बजकर 55 मिनट तक बन रहा है. उसके बाद से आयुष्मान् बनेगा. राधा अष्टमी की पूजा प्रीति योग में होगी. वहीं रवि योग का निर्माण रात में 09 बजकर 22 मिनट पर होगा और अगले दिन 12 सितंबर को सुबह 6 बजकर 5 मिनट तक रहेगा.

राधा अष्टमी व्रत से लाभ
कहा जाता है कि जो भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद पाना चाहता है, उसे राधारानी की कृपा पानी होगी. राधा जी के नाम जप से भगवान श्रीकृष्ण को पाना सरल है. राधा अष्टमी के अवसर पर व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है. राधाकृष्ण के आशीर्वाद से सभी दुख दूर होते हैं.

