बेगूसराय: अब बिहार में स्वच्छता के मायने बदलने वाले हैं .स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छता योजना के तहत अब शत-प्रतिशत व्यक्तिगत शौचालय की उपलब्धता सरकारी फाइलों से बाहर निकाल कर पात्र परिवार तक पहुंचेगी. ज्ञात हो कि प्रदेश में शासन के द्वारा लाखों गांव को खुले में शौच मुक्त (ODF प्लस) घोषित किया है. लेकिन गांव की स्थिति आज भी पहले जैसी ही है.

आपकों बता दें कि देशभर में इस मिशन के अंतर्गत 10 करोड़ से ज़्यादा व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया, जिसके परिमाणस्वरूप सभी राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों ने स्वयं को 2 अक्तूबर, 2019 को ODF घोषित कर दिया. लेकिन ग्राउंड जीरो की बात करें तो योजना फाइलों में ही ODF घोषित होकर रह गई है. अब प्रदेश में इस योजना को सफल करने की जिम्मेदारी जीविका दीदी को सौंप दी गई है . इनके सर्वे के आधार पर योजनाओं का लाभ पात्र परिवार तक पहुंचाया जाएगा.

शौचालय विहीन परिवारों का सर्वेक्षण कर दिलवाएगी लाभ
बिहार में इन दिनों जीविका दीदी के द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छता योजना के तहत अब शत-प्रतिशत व्यक्तिगत शौचालय की उपलब्धता पर ट्रेनिंग उपलब्ध कराया जा रहा है . सभी जिले में जिविका दीदी घर-घर जाकर शौचालय विहीन परिवारों का सर्वे करेंगी.

सरकार के इस मुहिम का उद्देश्य राज्य के सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस बनाया जाना है. जिसके लिए सभी जीविका दीदी समूहों के द्वारा शौचालय विहीन परिवारों को चिन्हित कर लाभुकों की सूची को बीडीओ और राज्य सरकार के पोर्टल पर अपलोड करना है.

इसके बाद विभाग परिवार को लाभ देने का काम करेगी. आपकों बता दें कि बिहार की बेगूसराय जिले में जब योजना का लाभ ले चुके व्यक्तियों से बात की गई तो 12 हज़ार योजना के लिए मिले और वार्ड सदस्य ने ₹2 हज़ार ले लिया.

ऐसे में आप खुद समझ सकते हैं की धरातल पर योजना की क्या सच्चाई रही होगी . लेकिन अब जीविका के सहारे बिहार में स्वच्छता के मायने बदलने वाली है.
