वैशाली: वैशाली में बन रहा बौद्ध स्तूप और सम्यक दर्शन संग्रहालय, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का एक प्रमुख स्थल बनने जा रहा है. इस संग्रहालय का निर्माण 72 एकड़ में किया जा रहा है और इसमें मुख्य मंदिर, मेडिटेशन सेंटर, मीटिंग हॉल, योगशाला, अतिथि गृह और संग्रहालय शामिल हैं.

इस भव्य परियोजना की लागत लगभग 500 करोड़ रुपए है और यह लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है. खास बात यह है कि इस निर्माण में वही पत्थर इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका उपयोग अयोध्या के राम मंदिर और संसद भवन में भी किया गया था.

संग्रहालय में बुद्ध के परिनिर्वाण के समय के अस्थि कलश का एक हिस्सा रखा जाएगा, जिसे वर्तमान में पटना म्यूजियम में संरक्षित किया गया है. यह स्थल बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र बनेगा और वैशाली को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान देगा.

सैंड स्टोन से किया जा रहा है मुख्य स्तूप का निर्माण
मुख्य स्तूप का निर्माण सैंड स्टोन से किया जा रहा है, जिसमें भर्रा (लाल रंग) और पिंक स्टोन का उपयोग किया जा रहा है.इस परियोजना को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विशेष रुचि है और उन्होंने निर्माण कार्य का निरीक्षण पांच बार किया है.

इस भव्य बौद्ध स्तूप के पूर्ण होने के बाद, वैशाली बौद्ध धर्म के मानने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा.

