मंदिर दर्शन से लेकर पिंडदान के लिए पुरोहित तक, जानें इस बार गया में पितृपक्ष पर क्या है नई व्यवस्था ?

पितृपक्ष 17 सितंबर से शुरू हो रहा है। विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश के लोग भी ई-पिंडदान की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। पितृपक्ष मेला दो अक्टूबर तक चलेगा। राज्य पर्यटन विभाग निगम ने गयाजी तीर्थ के साथसाथ पुनपुन घाट पर पिंडदान करने और आनेजाने के लिए विशेष टूर पैकेज तैयार किया है और उसकी बुकिंग आरंभ हो गई है।

एकमुश्त 23,000 रुपये खर्च करने होंगे

पर्यटन विकास निगम स्तर से ई-पिंडदान पैकेज के तहत श्रद्धालुओं को एकमुश्त 23,000 रुपये की राशि खर्च करनी होगी। इस पैकेज में विष्णुपद मंदिर, अक्षयवट व फल्गु नदी में पिंडदान के लिए पंडित-पुरोहित, पूजन सामग्री की व्यवस्था और दक्षिणा भी शामिल है। पिंडदान होने के बाद पेन ड्राइव में पूरी प्रक्रिया की विडियो रिकार्डिंग दिए गए पते पर भेज दी जाएगी।

11,250 से लेकर 39,500 का पैकेज

इसमें 11,250 से लेकर 39,500 रुपए तक का टूर पैकेज है। इसकी बुकिंग करवा कर पर्यटक पुनपुन, गयाजी, राजगीर और नालंदा का भ्रमण कर सकते हैं।श्रद्धालुओं को वाहन के साथसाथ फोर और थ्री स्टार होटल की सुविधा मिलेगी। पैकेज का लाभ 19 सितंबर से सेकर दो अक्टूबर तक लिया जा सकेगा।

रसोइया व सफाईकर्मी चलाएंगे कंप्यूटर

राज्य पुलिस के कुक-रसोइया, स्वीपर, नाई, धोबी, पानी पिलाने वाले, ड्रेसर, दफ्तरी के साथ ही आदेशपाल समेत 132 कर्मियों ने कंप्यूटर चलाना सीख लिया है। कई वर्षों से पुलिस के अलग-अलग विभागों में काम कर रहे ये पुलिसकर्मी जल्द ही कार्यालय में कंप्यूटर चलाते दिखेंगे।

पुलिस मुख्यालय ने ऐसे 132 कर्मियों की राज्य वरीयता सूची जारी की है। पुलिस के विभिन्न विभागों में इनके कंप्यूटर स्किल के आधार पर पोस्टिंग की तैयारी है। बिहार पुलिस के 41 कुक-रसोइये इंटर पास हैं। इन सबने कंप्यूटर का प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। इसी तरह 30 पानी पिलाने वाले, 12 नाई, 12 दफ्तरी, 12 झाड़ूकश, 13 धोबी के अलावा आदेशपाल, ड्रेसर आदि ने भी कंप्यूटर का कोर्स कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, इन पदों पर लंबे समय से नियुक्ति भी नहीं हुई है। इसी को देखते हुए इन 132 कर्मियों को कंप्यूटर का कोर्स कराया गया है।

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