मुजफ्फरपुर : देवर के प्यार में छोड़ा पति का घर, भाभी को छोड़ अब देवर फरार

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक देवर ने पहले तो भाभी से पांच सालों तक इश्क लड़ाया और फिर एक दिन उसे घर से भगाकर दिल्ली ले गया. दिल्ली ले जाने के बाद देवर ने भाभी के साथ मंदिर में शादी रचा ली. दोनों एक महीने तक खुशी-खुशी रहे और फिर एक महीने बाद देवर महिला को अकेला छोड़ फरार हो गया. इस घटना के बाद महिला ना पति के पास वापस लौट सकती है और ना ही उसे उसका प्यार मिल रहा है.

घटना के बाद महिला दिल्ली से देवर के घर पहुंची और घर के बाहर धरना पर बैठ गई. महिला की एक ही मांग ही कि उसे देवर से प्यार है और वह उसके बिना नहीं रह सकती. उसे देवर के साथ ही रहना है. यह मामला अहियापुर थाना क्षेत्र का है. महिला मूलरूप से जमालाबाद की रहने वाली है. वह बीते एक हफ्ते से संरपच के घर के बाहर बैठकर न्याय की गुहार लगा रही है.

भाभी को भगा दिल्ली ले गया देवर

महिला ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पांच साल पहले उसकी दोस्ती संरपच के बेटे मनीष से हुई थी. मनीष रिश्ते में उसका देवर लगता है. मनीष अकसर उसे कॉल करता था. दोनों घंटों कॉल पर बातें करते थे. धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया और दोनों के बीच अफेयर शुरू हो गया. महिला और देवर के बीच प्यार इतना परवान चढ़ा कि एक बच्चे की मां होते हुए भी देवर उसे भगाकर दिल्ली ले गया. दोनों ने दिल्ली में शादी रचाई और साथ रहने लगे. इस बीच जब मनीष भाभी से बोर हो गया तो वह दिल्ली में छोड़कर उसे फरार हो गया.

बोर होते ही भाभी को छोड़कर फरार हो गया देवर

जिसके बाद महिला के पास ना खुद के लिए और ना बच्चे के लिए खाने के पैसे बचे. जैसे तैसे लोगों की मदद से उसने ट्रेन टिकट लिया और मनीष के घर पहुंची. जहां पहुंचकर उसने मनीष के साथ रहने की मांग की. अब तक फरार देवर का कुछ भी पता नहीं चल पाया है. वहीं, मनीष के घरवालों ने भी महिला को घर में आने की इजाजत नहीं दी. जिसके बाद से महिला घर के बाहर ही धरने पर बैठी हुई है और मनीष के आने का इंतजार कर रही है. वहीं, घटना पर पुलिस ने कहा कि उन्हें अब तक इसकी जानकारी नहीं दी गई है. आवेदन दर्ज कराने के बाद ही इस पर कार्रवाई की जाएगी.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading