दरभंगाः नेपाल में बारिश के कारण कोसी बराज से पानी छोड़ जाने का असर दिखने लगा है. बिहार के कई जिलों में बांध टूटने से बाढ़ आ गयी है. दरभंगा किरतपुर प्रखंड के भूभौल गांव के पास रविवार की रात करीब 1 बजे तटबंध टूट गया. तटबंध टूटने से किरतपुर प्रखंड और घन्यश्यामपुर प्रखंड के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. लाखों की आबादी प्रभावित हो गयी है. देर रात सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम रेस्क्यू अभियान चला रही है.
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दरभंगा में बाढ़
दरअसल, किरतपुर प्रखंड के जमालपुर थाना क्षेत्र के नरकटिया गांव और भूभौल गांव के पास रविवार की दोपहर से ही तटबंध पर बने सड़क के ऊपर से पानी का बहाव हो रहा था. प्रशासन के द्वारा लगातार सैंड बैग डालकर बचाने का प्रयास किया जा रहा था. लोगों को सतर्क और सावधान रहने की अपील की जा रही थी.

सड़क पर शरण लिए लोग
दरभंगा के जिलाधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में लगे रहे लेकिन तटबंध को बचाने में सफल नहीं रहे. लाख कोशिशों के बावजूद बांध टूट गया. दर्जन भर गांव में रातोरात पानी घुस गया. सुबह में सड़कों पर बाढ़ पीड़ितों की लाइन लगी रही. सभी अपना सामान और मवेशी लेकर परिवार के साथ ऊंचे स्थल पर शरण लिए.

राहत बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
बता दें कि कोशी नदी के तांडव से फिलहाल किरतपुर प्रखंड और घन्यश्यामपुर प्रखंड के लोगों के बीच हाहाकार मचा हुआ है. प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ित लोगों को सहायता पहुंचाने का काम शुरू किया गया है. बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए हैं. साथ ही लोगो से अपील की कि पैनिक होने की कोई आवश्यकता नहीं है. लोगों की हर संभव मदद की जाएगी.

कोसी में रिकॉर्ड पानी छोड़ा गया
बता दें कि नेपाल में बारिश के कारण कोसी में लगातार जलस्तर बढ़ रहे हैं. रविवार को सुपौल के वीरपुर कोसी बराज से 6 लाख 61 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इससे कोसी में उफान आ गया. जलस्तर में कोसी ने पिछले 56 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इससे पहले 1968 में इससे ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. कोसी में पानी बढ़ने से आसपास के जिलों में बाढ़ आ गयी है. जल संसाधन विभाग लोगों को सर्तक कर रहा है.

