जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राज्य कार्यकारिणी ने बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के चिरंजीवी होने का प्रस्ताव पास कर दिया है. दरअसल, राज्य कार्यकारिणी ने पारित किए प्रस्ताव में कहा है कि 2025 में नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बनेंगे और एनडीए सरकार बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करेगी. इसके अलावा यह भी प्रस्ताव पास हुआ है कि जेडीयू ‘संगत-पंगत’ नाम से कार्यक्रम चलाएगी, जिसमें घटक दलों के नेता आपस में मिलेंगे और विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देंगे.
राज्य कार्यकारिणी में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया है कि नीतीश कुमार का मतलब है नौकरी और नौकरी का मतलब है नीतीश कुमार. एक बड़ा फैसला यह भी लिया गया है कि घटक दल के नेता प्रखंड स्तर पर मिलते रहेंगे और आपस में गलतफहमी दूर करेंगे. ऐसा होने से एनडीए के अंदर किसी भी तरह की गलतफहमी नहीं होगी.

इस तरह से जेडीयू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिहार की राजनीति में चिरंजीवी होने का प्रस्ताव पास कर दिया है. इससे पहले पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान नीतीश कुमार से जनता से अंतिम बार आशीर्वाद मांगने की बात कही थी.

नीतीश कुमार ने चुनाव प्रचार के दौरान रैलियों में कई जगह कहा था कि यह मेरा आखिरी चुनाव है और यह आपके पास मुझे जिताने का अंतिम मौका है. 5 नवंबर 2020 को पूर्णिया की रैली में नीतीश कुमार ने ऐलान किया था कि ये उनका आखिरी चुनाव है.

पूर्णिया के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा था, यह मेरा आखिरी चुनाव है. अंत भला तो सब भला. यह कहकर नीतीश कुमार ने एनडीए प्रत्याशी को वोट देने की अपील की थी. उस समय नीतीश कुमार की इस अपील को ब्रह्मास्त्र के तौर पर देखा गया था.



