पटना में शुरू हुआ डेंगू वैक्सीनेशन के क्लीनिकल ट्रायल का तीसरा चरण

बिहार और देश के दूसरे हिस्सों में डेंगू से बीमार पड़ रहे लोगों को इस बीमारी के खौफ से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने वाला टीका बनाने का काम तेजी से चल रहा है। पटना में डेंगू वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल का तीसरा चरण शुरू हो गया है।

अब तक छह लोगों को डेंगू वैक्सीन का टीका लग चुका है। बिहार में लगभग 500 लोगों को यह परीक्षण टीका लगेगा। वैज्ञानिकों की टीम टीका लेने वालों की दो साल निगरानी करेगी।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) का पटना स्थित राजेंद्र स्मारक चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संस्थान (RMRIMS) क्लिनिकल ट्रायल संचालित कर रहा है।

बिहार में रोज डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं। इस साल 4416 मरीज अस्पताल पहुंचे हैं और 12 लोगों की मौत हुई है। अकेले पटना में 2184 मरीज मिले हैं।

आरएमआरआईएमएस के एक अधिकारी ने बताया कि पूरी तरह देश में बन रहे वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल 26 सितंबर को चालू हो गया है। इसके तहत अब तक छह लोगों को वैक्सीन डोज दिया गया है।

आईसीएमआर टीका लेने वालों की दो साल तक निगरानी करेगी। वैक्सीन बनाने में आईसीएमआर और पैनेसिया बायोटेक लिमिटेड मिलकर काम कर रही है। टीका परीक्षण के लिए 10 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी और उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी।

डेंगू टीका के परीक्षण के लिए देश भर में 19 केंद्र चुने गए हैं। आरएमआरआईएमएस उनमें से एक केंद्र है। इस लिहाज से हर केंद्र को लगभग 500 लोगों को ट्रायल का टीका लगाना है।

वैक्सीन पटना देरी से पहुंचने के कारण ट्रायल पर थोड़ा असर पड़ा है। इसे जुलाई में आ जाना था लेकिन सितंबर में आया।

जुलाई में आने से ट्रायल शुरू हो गया होता और डेंगू के मौसम में इसका असर देखने का एक मौका होता। पटना के ज्यादातर इलाकों में डेंगू फैल गया है और कुछ एरिया तो इसका हॉट स्पॉट बना हुआ है।

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