गोपालगंजः बिहार की गोपालगंज पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है. इसपर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार युवक अपने देश के लोगों का डाटा दुश्मन देशों को बेचता था. इसके साथ ही क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग का भी काम करता था. युवक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस देश की जांच एजेंसी से संपर्क में है.

पाकिस्तान कनेक्शन आया सामने
इस कार्रवाई की जानकारी गोपालगंज एसपी अवधेश दीक्षित ने दी है. बताया कि युवक के पास से मोबाइल, कई एटीएम कार्ड, पासबुक, पेन ड्राइव, 24 हजार रुपये कैश और चेकबुक बरामद किया गया है. फोन में टेलीग्राम चैनल मिला है जिसमें पाकिस्तान, चीन रसिया, सिया, यूके, नाइजीरिया, केन्या जैसे लोगों से बातचीत है. पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है.


गांव में बैठकर करता था काम
गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवेन्द्र सिंह के बेटा अतुल कुमार सिह के रूप में हुई है जो बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के कृतपुरा गांव निवासी है. एसपी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कृतपुरा गांव में साइबर अपराधियों के द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग किया जा रहा है. इसकी सूचना मिलने के बाद साइबर डीएसपी के नेतृत्व में टीम बनाकर छापेमारी की गयी. युवक को हिरासत में लेकर पूछताच की जा रही है.

दूसरे का पैनकार्ड और आधार करता था इस्तेमाल
एसपी के मुताबिक अतुल कुमार सिह पीर टू पीर क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग के माध्यम से मनी लॉड्रिंग व अन्य फ्रॉड करता है. ट्रेडिंग के लिए जरूरी अकाउंट नंबर जिस पे इण्डियन करेंसी का लेन-देन होगा उसके लिए 2-3 बैंक का अकाउंट व अन्य अनजान लोगों का पैन कार्ड, आधार कार्ड व बैंक अकाउट का इस्तेमाल करता था. बहुत सारे टेलीग्राम और वाट्सएप ग्रुप से जुडा हुआ था.


अलग-अलग अकाउंट बनाया
टेलीग्राम चैनल और वाट्सएप में चीन, पाकिस्तान, रसिया, यूके, नाइजीरिया, केन्या जैसे देश के लोग भी जुड़े हैं. इसके अलावा बहुत सारे विदशी नबरों से वाट्सएप और टेलीग्राम पे क्रिप्टो और पैसा लेन-देन थर्ड पार्टी के माध्यम से करने की बातचीत सामने आयी है. पुलिस के मुताबिक अतुल काफी शातिर किस्म का आदमी है. अकाउंट फ्रिज नहीं हो जाए या इसपे बैक में रिपोर्ट न हो इसके लिए ये अलग-अलग अकाउंट का इस्तेमाल करता था.


जांच एजेंसी से संपर्क में पुलिस
फोन की तलाशी लेने पर यह जानकारी मिली कि कई लोगों के पैसे को एजेंट के माध्यम से कैश लेकर क्रिप्टो के माध्यम से पेमेंट करता था. पेंमेंट रिसिव करने वाले अधिकतर चाईनीज, पाकिस्तानी, नाईजीरियन हैं. चाइनीज व पाकिस्तानी को भारतीयों का निजी और संवेदनशील जानकारी उपलब्ध कराता था. एसपी ने बताया कि इस तरह का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसी से संपर्क किया जा रहा है.
