पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश कार्यकारिणी की पटना में बैठक हुई. प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने किया. श्री कृष्ण चेतना परिषद में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई. बैठक में पार्टी सांसद शांभवी चौधरी, राजेश वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी प्रदेश कार्यकारिणी के सभी सदस्य और सभी जिला अध्यक्ष शामिल हुए.


‘पटना के गांधी मैदान से होगा चुनावी शंखनाद’
सोमवार की बैठक में 28 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में बैठक को लेकर चर्चा हुई. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी के स्थापना दिवस के दिन 28 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में बड़ी रैली करने वाले हैं. रैली को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता अभी से तैयारी शुरू कर दिए हैं.


‘झारखंड में एक सीट मिलने से खुश’
झारखंड विधानसभा चुनाव में लोजपा को एक सीट मिलने से चिराग पासवान खुश हैं. चिराग पासवान ने कहा कि कुछ लोग उनको और उनके प्रधानमंत्री के बीच दूरी पैदा करना चाहते हैं जिसमें वह कभी कामयाब नहीं होंगे. प्रधानमंत्री के साथ किसी भी तरीके के विवाद में जाएं, वह संभव नहीं है.


‘सीट बंटवारे पर नहीं विवाद’
चिराग ने कहा कि झारखंड में एक सीट मिलने से चिराग पासवान दुखी हैं, यह मैंने भी सुना है, लेकिन मैं इससे खुश हूं. बीजेपी ने बिहार के बाहर भी हमारी पार्टी के साथ गठबंधन किया और एक सीट दी गई. बीजेपी ने वही सम्मान दिया है जो मेरे पिताजी स्वर्गीय राम विलास पासवान को देती थी.

‘पसंद की सीट झारखंड में दी गई’
2014 में भी लोजपा को एक सीट शिकारपारा की सीट दी गई थी. उस समय उस सीट को लेकर असंतोष था. चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी झारखंड में जिस सीट पर तैयारी कर रही थी, वही चतरा की सीट उनको दी गई. हम लोगों की पसंद की सीट बीजेपी ने दी है. चतरा की सीट हर हाल में लोजपा जीतेगी.


झारखंड में एनडीए की जीत का दावा
चिराग पासवान ने कहा कि झारखंड में सत्तारूढ़ सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है. खुद मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, उन्हें जेल जाना पड़ा. इस बार विधानसभा चुनाव में वहां पर एनडीए की सरकार बनेगी और भ्रष्टाचार में डूबी वर्तमान सरकार को वहां की जनता उखाड़ फेंकने का काम करेगी.

इंडिया गठबंधन पर निशाना
चिराग पासवान ने झारखंड में सीट शेयरिंग को लेकर इंडिया गठबंधन में हो रहे विवाद पर कहा कि झारखंड में यह किस तरीके का गठबंधन है, जहां कांग्रेस और राजद एक दूसरे पर खुलकर आरोप लगा रहे हैं. जो गठबंधन एक दूसरे के साथ रहते हुए खुलकर सम्मान नहीं दे पा रहा हैं, वह वोटरों को और अपने कार्यकर्ताओं को एक दूसरे के प्रति सम्मान देने को कैसे कन्वेंस करेंगे. जिस तरीके से हरियाणा में इंडिया गठबंधन की हार हुई,उस तरीके से झारखंड में भी उनकी हार होगी.
