दिवाली के दिन प्रशांत किशोर ने किया सभी को हैरान, चुनाव में लालू प्रसाद की पार्टी का करेंगे समर्थन, लेकिन पूरी करनी होगी यह शर्त

दिवाली के दिन जन सुराज के सूत्रधार और पार्टी के स्टार प्रचारक प्रशांत किशोर ने आज बेलागंज विधानसभा में जन सुराज के प्रत्याशी मोहम्मद अमजद के समर्थन में जनसभा की।

जहां उन्होंन अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता लालू यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह यादव समाज के किसी भी काबिल व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर दें तो जन सुराज और खुद प्रशांत किशोर उनका झंडा लेकर उनके पीछे चल देंगे।

लेकिन वो ऐसा कभी नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने कभी अपनी जाति की राजनीति नहीं की है। उन्होंने सिर्फ अपने परिवार और अपने बच्चों की राजनीति की है।

मुस्लिम समाज को समझ नहीं

इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से चर्चा करते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय अपने रहनुमाओं को नहीं समझता है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब 2014 में नीतीश कुमार ने मोदी का विरोध करते हुए भाजपा का साथ छोड़ दिया था, तब मुस्लिम समुदाय ने नीतीश कुमार को अपना नेता नहीं बनाया था। आपने उस समय राजद पर भरोसा किया था, जबकि पिछले 35 वर्षों में आप और आपके बच्चे सिर्फ लालटेन में केरोसिन तेल की तरह जल रहे हैं और रोशनी कहीं और है।

बंगाल में मेरे कारण लागू नहीं हुआ सीएए, एनआरसी

उसी तरह आज आप दुविधा में हैं कि प्रशांत किशोर पर कैसे भरोसा करें? लेकिन मैं आपको बता दूं कि यही प्रशांत किशोर बंगाल में ममता दीदी के साथ भाजपा के खिलाफ लड़े थे। तब तेजस्वी, राहुल या अखिलेश, जो खुद को आपके रहनुमा कहते हैं, ममता दीदी का कंधा मजबूत करने नहीं आए।

जब 2 मई 2021 को बंगाल चुनाव के नतीजे आए, उसी दिन से देश में CAA, NRC पर चर्चा खत्म हो गई। CAA, NRC वही कानून हैं, जिनसे पूरा मुस्लिम समुदाय असहज था।

भाजपा ने आपके विरोध के कारण CAA, NRC को नहीं रोका, बल्कि जब प्रशांत किशोर ने ममता दीदी के साथ मिलकर उन्हें बंगाल में हराया, तब CAA, NRC पर चर्चा समाप्त हो गई।

प्रशांत किशोर आज बेलागंज विधानसभा की नगर और बेलागंज प्रखंड की समसपुर, शाकिर बिगहा, नीमचक, अगंधा, कंचनपुर, सादीपुर, अमराहा, बारा आदि पंचायतों में पहुंचे और जन सुराज के प्रत्याशी मोहम्मद अमजद के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। जन सुराज की जनसभाओं में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।

 

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