एक प्रयास मंच के द्वारा पुरानी गुदरी बहलखाना रोड मे बिहार कोकिला शारदा सिन्हा की आत्मा की शान्ति के लिए श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां मंच के संस्थापक संजय रजक ने कहा कि बिहार कोकिला के रूप मे प्रसिद्ध डॉक्टर शारदा सिन्हा ने अपनी मधुर आवाज के माध्यम से बिहार लोक संस्कृति और संगीत को विदेशों तक प्रसिद्धि दिलाई है।


उनके गीतों मे बिहार की संस्कृति और मिथिला जीवंत होती है। छठ पूजा, शादी, विदाई, भक्ति गीतों से करोड़ों लोगो के दिल जीते हैं। अब शारदा सिन्हा हमारे बीच नही रहे पर उनकी आवाज के माध्यम से लोकगीत मे बसी बिहार की परंपरा हमेशा जीवित रहेगी।



इस दौरान संजय रजक अपने मंच के माध्यम से भारत सरकार से तीन मांग कि, जिसमें पहली मांग मुजफ्फरपुर बिहार की सांस्कृतिक राजधानी है, ऐसे में जिले में उनके नाम की प्रतिमा व सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए हॉल का निर्माण कराया जाए।





दूसरा शारदा सिन्हा ने छठ गीत से पूरे देश मे अलग पहचान देकर बिहार का नाम रौशन किये ऐसे मे मुज़फफरपुर मे एक छठ घाट उनके नाम से बनाया जाए और तीसरा शारदा सिन्हा के गीत के लिए प्रतिभा सम्मान मे भारत रत्न दिया जाए।




कार्यक्रम पिंकी देवी, निनिया देवी, संजू देवी, गंगाजली देवी, सगु देवी, रीना देवी, राजदीप राज, नीरज मल्लिक, संजय रजक व अन्य बस्ती के महिला उपस्थित रहें।