मुखिया को हटाने के लिए जिलाधिकारी ने की अनुशंसा, भ्र’ष्टाचार और शक्तियों के दुरुपयोग का है गं’भीर आ’रोप

खगड़िया जिले की चौथम पंचायत की मुखिया पुनीता देवी के खिलाफ भ्रष्टाचार और शक्तियों के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों के मद्देनजर, जिलाधिकारी ने उन्हें पद से हटाने की अनुशंसा प्रमंडलीय आयुक्त और राज्य सरकार को कर दी है।

आरोप है कि मुखिया पुनीता देवी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों को दरकिनार कर विभिन्न विकास योजनाओं को संचालित कर रही थीं। 15वें वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग से प्राप्त कुल 1.45 करोड़ रुपये की राशि पंचायत के खाते में महीनों से पड़ी रही, जिसका उपयोग ग्रामीण विकास कार्यों जैसे सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन, छठ घाट और स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए नहीं किया गया।

सूत्रों के अनुसार, मुखिया पर योजनाओं को मनमाने ढंग से संचालित करने और ग्राम सभा की अनुमति के बिना योजनाओं का चयन करने का भी आरोप है। यह भी कहा जा रहा है कि मुखिया ने ग्राम सभा की बैठकों में पर्याप्त संख्या में लोगों की उपस्थिति के बावजूद योजनाओं को पारित करवाया।

जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मुखिया पुनीता देवी पंचायती राज अधिनियम 2006 की धारा 17(1) के तहत प्राप्त शक्तियों का दुरुपयोग कर रही हैं। उन्होंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई के लिए लिखा है। वेकास कार्यों को मनमाने तरीके से योजनाओं को संचालित और  अवरुद्ध करने का आरोप मुखिया पर लगा है।

ग्राम सभा के बिना अनुमोदन के ही योजनाओं का इच्छानुसार चयन करने ,ग्राम सभा मे प्रयाप्त लोगों के उपस्थित नहीं रहने के बाद भी योजनाओं को पारित करने का आरोप मुखिया पर लगाया गया है।अब जिलाधिकारी ने इस पर संज्ञान लेते हुए मुखिया को पद से हटाने के लिए प्रमंडलीय आयुक्त और राज्य सरकार को अनुशंसा कर दी है।जिलाधिकारी ने वरीय पदाधिकारी को भेजे गए रिपोर्ट में यह कहा कि मुखिया पुनीता देवी द्वारा पंचायती राज अधिनियम 2006 की धारा 17(1) के तहत मुखिया को मिली शक्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading