जगह बदलने के बाद भागलपुर में एयरपोर्ट शुरू करने में खत्म नहीं मुश्किलें, अब इस बात को लेकर जताई गई आपत्ति

बिहार में जिन जगहों पर एयरपोर्ट शुरू करने का प्रस्ताव हैं, उनमें पूर्णिया के अलावा भागलपुर भी शामिल है। अब जब पूर्णिया में एयरपोर्ट को लेकर काम शुरू होने जा रहा है, तो भागलपुर एयरपोर्ट को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। अब तक भागलपुर में एयरपोर्ट गोराडीह में बनना था। लेकिन कुछ दिन पहले बिहार सरकार ने इसके जगह में परिवर्तन कर इसे सुल्तागंज में शिफ्ट कर दिया।

साथ ही यहां जमीन भी उपलब्ध करा दी गई। लेकिन अब एक बार फिर भागलपुर में एयरपोर्ट के निर्माण में अड़ंगा लग गया है। यह अड़ंगा उस पत्र के बाद लगा है, जो राज्यसभा सचिवालय की परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष को भेजी गई है। इस लेटर में बताया गया है कि क्यों सुल्तानगंज की जगर गोराडीह में ही एयरपोर्ट का निर्माण होना चाहिए।

लेटर में बताया क्यों गोराडीह में बनना चाहिए एयरपोर्ट

लेटर में बताया गया है कि गोराडीह के प्रस्तावित हवाई अड्डा स्थल से 15-20 किलोमीटर के दायरे में विक्रमशिला महाविहार, पीएम पैकेज के तहत प्रस्तावित विक्रमशिला सेंट्रल यूनिवर्सिटी, ट्रिपल आईटी, सीपेट, सॉफ्टवेर आईटी पार्क, इंजीनियरिंग कॉलेज, कहलगांव एनटीपीसी, प्रस्तावित पीरपैंती एनटीपीसी, सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल है। बिहार-बंगाल की सीमा भी नजदीक है। इससे व्यवसायियों, अधिकारियों और पर्यटकों को हवाई सेवा का लाभ लेने में आसानी होगी। जिसे देखते हुए अनुरोध किया गया है कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और बिहार सरकार समिति के माध्यम से गोराडीह में हवाई अड्डा बनाने के लिए जल्द कार्रवाई करें।

बिहार सरकार से मांगा जवाब

आपत्ति दर्ज होने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के महाप्रबंधक डॉ गुरुसेवक मनीष ने आठ नवंबर को बिहार सरकार को पत्र भेजा। इसमें ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास के लिए गोराडीह (भागलपुर) में प्रस्तावित स्थल के संबंध में टिप्पणी उपलब्ध कराने की बात कही गई है. इसके बाद डीएम ने नौ नवंबर को अपर समाहर्ता (राजस्व) को यह पत्र भेजकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पिछले साल जारी हुआ था  संकल्प पत्र

भागलपुर जिले में हवाई अड्डा निर्माण की मांग विधानसभा में उठाई गई थी। इस पर मंत्री ने हवाई अड्डा निर्माण के लिए सरकारी आश्वासन दिया था, जिस पर 31 मार्च 2023 को गैर सरकारी संकल्प जारी किया गया था. सरकार के स्तर पर इन कार्रवाइयों के बाद नागरिक विमानन निदेशालय के निदेशक निशीथ वर्मा ने 5 फरवरी 2024 को डीएम को आवश्यक पत्र भेजकर 475 एकड़ जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया था. इसके बाद जिला प्रशासन के स्तर से गोराडीह में 660.57 एकड़ जमीन का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया। जमीन अधिग्रहण की राशि की रिपोर्ट भी भेजी गयी।

अचानक सुल्तानगंज में निर्माण को मिली मंजूरी

लोगों को अभी उम्मीद ही जगी थी कि हवाई सेवा जल्द ही उपलब्ध होगी, तभी सुल्तानगंज में सुल्तानगंज-देवघर पथ के पश्चिम और निर्माणाधीन फोरलेन के दक्षिण 855 एकड़ जमीन चिह्नित कर सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया। लेकिन अब सुल्तानगंज में भी एयरपोर्ट का निर्माण को लेकर पेच उत्पन्न हो गया है।

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