बिहार की सियासत में होनेवाला है खेला, तेजस्वी के बयान और सीएम नीतीश के इशारों का मतलब क्या

एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी हर सभा में राजद के साथ दो बार सरकार बनाने को अपनी सबसे बड़ी गलती बताते हुए जनता से इसके लिए मांगते हुए नजर आते हैं। दूसरी तरफ तेजस्वी के साथ बीते बुधवार को इशारों में कुछ ऐसी बातें हुई,  जिसके बाद बिहार की राजनीति में फिर से नीतीश कुमार को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है कि आनेवाले विधानसभा चुनाव के पूर्व वह फिर से पाला बदलने की तैयारी में तो नहीं है।

दरअसल, बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही के दौरान गोरेयाकोठी के भाजपा विधायक देवेश कांत के सवाल का जवाब ग्रामीण कार्य मंत्री डा. अशोक चौधरी दे रहे थे। इस बीच नीतीश कुमार तेजस्वी की ओर देखने लगे और उनसे इशारों में कुछ पूछा। जिसका जवाब तेजस्वी ने भी इशारों में दिया। हालांकि, उनके बीच इशारों में क्या बात हुई यह कोई समझ नहीं पाया।

बूझे वाला बुझता

कुछ देर बाद सदन के बाहर निकले तेजस्वी यादव ने जब मीडिया ने इशारों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा वे व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री का सम्मान करते हैं। परंतु राजनीतिक तौर पर उनकी न कोई विचारधारा है न ही कोई नीति। इशारों के बारे में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा इशारों में कुछ कहते हैं। जिसका जवाब हम भी देते रहते हैं। उन्होंने भोजपुरी में कहा कि बूझे वाला बुझता।

अब जिस तरह की इशारों की बिहार के दोनों बड़े नेताओं के बीच हुई है, उसके बाद कहा जा रहा है कि तेजस्वी के लिए नीतीश कुमार के मन में फिर से सॉफ्ट कार्नर नजर आने लगा है। ऐसे में आनेवाले समय में बिहार की राजनीति में फिर से कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलता है तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए।

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