दरभंगा: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बिहार दौरे के पहले दिन दरभंगा में क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम में शिरकत की. कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसका उद्देश्य सरकार की योजनाओं को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उन्हें आर्थिक रूप से समर्थ बनाना है. उन्होंने कहा कि आम जनता और विभिन्न संस्थाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा किया जा सकता है.


तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत
अपने संबोधन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अभी हमारे देश की अर्थव्यवस्था पांचवें स्थान पर है लेकिन अगले एक साल में हमारे देश की अर्थव्यवस्था तीसरे स्थान पर होगी. इसके लिए जो भी संसाधन जुटाने की जरूरत है, उसे हरसंभव पूरा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार की योजनाओं को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उन्हें आर्थिक रूप से सामर्थवान बनाना है.

हिलाओं को आर्थिक मजबूती देना मकसद
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं गरीब, महिला, किसान और युवाओं की सेवा करके विकसित भारत बनाने की दिशा में बेहतर कदम होगा. इसके लिए बैंकों के सभी अधिकारियों को एक शब्द में कहना चाहती हूं कि लगातार गांव-गांव में जाकर हर परिवार के योग्य लाभार्थी को लाभ दिलाने का काम करें.

मखाना और मछली प्रसिद्ध: उन्होंने कहा कि इनसब चीजों के अलावे मिथिलांचल में मखाना प्रसिद्ध है. मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत बैंकों के माध्यम से मछुआरों को भी लाभ दिया जा रहा है. मखाना और मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी किसान क्रेडिट कार्ड दिया जा रहा है. इससे खेतों में काम करने वाले किसानों के साथ-साथ पशुपालक, मछुआरा और बकरी पालन को भी लाभ दिया जा रहा है.
