‘जिन शिक्षकों को लाठी से पीटा जाता है, वही सब भूलकर नीतीश को ही वोट दे देते हैं’- प्रशांत किशोर

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) ने मुजफ्फरपुर में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षकों के साथ हो रहे बर्ताव को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश सरकार शिक्षकों के हितों की अनदेखी कर रही है और लगातार उन्हें प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक हों और वोट डालते समय सही निर्णय लें।

‘नीतीश सरकार सबसे ज्यादा शिक्षक विरोधी’
प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में अगर किसी सरकार ने शिक्षकों को सबसे अधिक सताया है, तो वह नीतीश कुमार की सरकार है। उन्होंने शिक्षकों से सवाल किया कि जब सरकार उनके हितों के खिलाफ है और पटना के डाकबंगला चौराहे पर लाठियां चलती हैं, तब भी शिक्षक उसी सरकार को वोट क्यों देते हैं। उन्होंने शिक्षकों को आगाह करते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि वे अपनी आवाज बुलंद करें और अपने वोट का सही इस्तेमाल करें।
जाति-धर्म की राजनीति पर प्रहार
प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार पर जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय शिक्षक अपनी समस्याएं भूल जाते हैं और जाति-धर्म के नाम पर वोट देते हैं। लेकिन जब चुनाव खत्म हो जाता है, तो फिर अपने अधिकारों के लिए गुहार लगाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इस चक्र से बाहर निकलें और अपने हक के लिए एकजुट हों।
शिक्षकों से जागरूक होने की अपील
प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षकों को अपने भविष्य के लिए खुद ही कदम उठाने होंगे। ‘जो व्यक्ति खुद अपनी जिंदगी में सुधार नहीं चाहता, उसका कोई भला नहीं कर सकता’, उन्होंने यह कहते हुए शिक्षकों से आत्मचिंतन करने की बात कही। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि वे पिछले दो वर्षों से लगातार पैदल यात्रा कर रहे हैं और इस दौरान कई शिक्षकों से मिले हैं, जिन्होंने अपनी व्यथा सुनाई है।
तिरहुत स्नातक उपचुनाव में प्रचार तेज
प्रशांत किशोर इन दिनों तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हो रहे विधान परिषद उपचुनाव के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने अपने प्रचार अभियान के दौरान शिक्षकों को एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।

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