ACS सिद्धार्थ की स्पेशल टीम 38 जिलों के स्कूल का गुप्त रूप से कर रही जांच, 60 प्रतिशत स्कूलों की रिपोर्ट होश उड़ा देगा….

बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, डॉ. एस. सिद्धार्थ ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एसीएस सिद्धार्थ के द्वारा हर दिन 10 स्कूलों के हेडमास्टर और शिक्षकों को वीडियो कॉल करके स्कूलों का आकलन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से स्कूलों की वास्तविक स्थिति का पता चलता है और शिक्षकों को जिम्मेदार बनाया जाता है। एसीएस स्कूल परिसर की सफाई, छात्र और शिक्षक की उपस्थिति, ड्रेस आदि का जायजा लेते हैं।

स्कूलों का गुप्त निरीक्षण

वहीं एसीएस सिद्धार्थ ने स्कूलों की स्थिति को जमीनी तौर पर जानने के लिए स्कूल का गुप्त रुप से भी जांच करवा रहे हैं। इस निरीक्षण में पाया गया है कि बिहार के करीब 60 प्रतिशत स्कूलों की स्थिति दयनीय है। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर 7 से 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम गठित की है। ये टीमें स्कूलों का स्थानीय स्तर पर निरीक्षण करती हैं और अपर मुख्य सचिव के फोन आने से पहले ही स्कूलों की व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास करती हैं।

स्पेशल टीम कर रही जांच

एसीएस ने अक्टूबर में स्कूलों के निरीक्षण के लिए एक विस्तृत योजना बनाई गई थी। लेकिन तब स्कूलों की स्थिति सही से सामने नहीं आई थी। बताया जाता है कि अधिकांश निरीक्षकों ने मेज पर बैठकर रिपोर्ट तैयार की, जिससे स्कूलों की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाया। इस गड़बड़ी के लिए कई निरीक्षकों पर कार्रवाई की गई। वहीं इसके बाद नवंबर माह में राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति का आकलन करने के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। ये टीम गुप्त तरीके से स्कूलों का निरीक्षण कर रही है।

60 प्रतिशत स्कूलों की स्थिति दयनीय

एसआईटी की टीम नवंबर माह से 38 जिलों में घूम-घूमकर स्कूलों की रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 60% स्कूलों की स्थिति दयनीय थी। शिक्षकों की पढ़ाने में रुचि न लेना, स्कूलों में साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। अधिकांश स्कूलों में साफ-सफाई, बेंच, कॉपी-किताब सहित अन्य व्यवस्था भी खराब मिली।

वर्चुअल निरीक्षण कर रहे एस. सिद्धार्थ

वहीं रिपोर्ट के बाद एसीएस ने वर्चुअल निरीक्षण का निर्णय लिया। इसमें वे रैंडम ही स्कूलों में हेडमास्टर और शिक्षक को फोन कर स्कूल दिखाने को कहते हैं। वर्तमान में वर्चुअल निरीक्षण के माध्यम से स्कूलों की निगरानी की जा रही है। इसमें भी एस.सिद्धार्थ स्कूलों के कई कमियों को पकड़ रहे हैं। एस. सिद्धार्थ के फोन जाने से विद्यालयों में हड़कंप मच गया है। वहीं एस. सिद्धार्थ फोन कर स्कूल में कितने शिक्षक हैं, कितने उपस्थित हैं, कितने बच्चे हैं, कितने बच्चे उपस्थित हैं, बच्चों के बैठने के लिए ड्रेस है या नहीं, बेंच है या नहीं सहित कई जानकारी ले रहे हैं।

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