पटना: जन सुराज के बिहार सरकार को दिए गए 72 घंटे का अल्टीमेटम सोमवार 13 जनवरी को समाप्त हो रहा है. जन सुराज के युवा इकाई के अध्यक्ष एक्स आईपीएस आनंद मिश्रा की ओर से प्रशांत किशोर का अनशन तुड़वाने के लिए बिहार सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था.

जन सुराज के निजी जमीन पर कैंप का काम रोका
जन सुराज के प्रदेश महासचिव और पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने कहा है कि BPSC छात्रों के समर्थन में प्रशांत किशोर पिछले 12 दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं. प्रशांत किशोर के अनशन से सरकार इतनी घबराई हुई है कि उन्हें निजी जमीन पर भी टेंट लगाने नहीं दे रही है.

अभ्यर्थियों और पीके की बैठक
किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि वह जिला प्रशासन को चुनौती देते हैं कि वह साबित करे कि जमीन किसानों की नहीं बल्कि सरकार की है. सरकार प्रशासन के माध्यम से सिर्फ भ्रम फैला रही है, क्योंकि वह प्रशांत किशोर से डर गई है. वहीं अब आगे की रणनीति के लिए प्रशांत किशोर, छात्रों के साथ बैठक कर रहे हैं.

‘सरकार का जमीन को लेकर दावा गलत’
उन्होंने कहा नीतीश सरकार ध्यान से सुन ले कि जितना प्रशांत किशोर को दबाने की कोशिश की जाएगी, बिहार की जनता उनके साथ उतना ही जुड़ती जाएगी. गंगा किनारे जिस जमीन पर कैंप बनाने से रोका गया है वह हमेशा किसानों की रही है और बाढ़ आने पर जमीन पानी में डूब जाता है. फिर गंगा का जलस्तर कम होता है तो किस उसे जमीन पर खेती करते हैं. किसान से फसल का मुआवजा देकर जमीन लीज पर उन लोगों लीज पर ली है. ऐसे में प्रशासन का यह दावा गलत है की जमीन सरकार की है.

12 दिन भी पीके का अनशन जारी
बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रशांत किशोर का आमरण अनशन जारी आज 12वें दिन भी जारी है. अस्पताल में रहने बावजूद उन्होंने अन्न ग्रहण नहीं किया है, जिस कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है. वहीं जन सुराज के युवा इकाई के अध्यक्ष पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा ने बिहार सरकार को पीके का अनशन तुड़वाने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.

क्या है बीपीएससी अभ्यर्थियों की मांग
बीपीएससी 70वीं प्रारंभिक परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा केंद्र में हंगामा हुआ था. इसके बाद सैकड़ों अभ्यर्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था. उनकी पुनर्परीक्षा ली गई, लेकिन अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं और दोबारा से परीक्षा की मांग कर रहे हैं.