पटना: बीपीएससी परीक्षा से जुड़ी लंबित मांगों के समाधान के लिए बीपीएससी अभ्यर्थियों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज राजभवन पहुंचा. यह प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात कर रहा है. परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की अपील के साथ ये मुलाकात जारी है.
राज भवन से निकलेंगे बीपीएससी अभ्यर्थी
बीपीएससी अभ्यर्थी अब राज भवन से निकलने की तैयारी कर रहे हैं. उनका कहना है कि वे राज्यपाल से मुलाकात के बाद अपने आंदोलन को और तेज करेंगे, ताकि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान दिया जाए. उनका आंदोलन राज्य सरकार से एक न्यायपूर्ण निर्णय की उम्मीद में जारी है, और वे आश्वस्त हैं कि अगर राज्यपाल उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेंगे, तो जल्द ही समाधान मिल सकता है.
अभ्यर्थियों की मांग- रद्द हो बीपीएससी परीक्षा
छात्र नेताओं का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से बीपीएससी परीक्षा के परिणामों और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. अभ्यर्थी 13 दिसंबर और 4 जनवरी 2025 को हुई परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.
प्रशांत किशोर का आमरण अनशन जारी
इस बीच, बीपीएससी अभ्यर्थी पिछले 2 जनवरी से जन अधिकार पार्टी के नेता प्रशांत किशोर के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं. उनका कहना है कि प्रशांत किशोर की पहल और अनशन ने राज्य सरकार को जागरूक किया है, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर राज्य सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. वे चाहते हैं कि राज्यपाल इस मामले में हस्तक्षेप करें और सरकार को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दें.
क्या है मामला
बीपीएससी अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं. वहीं इस मामले को प्रशांत किशोर ने और तूल दिया और 2 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं. बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन परीक्षा में विभिन्न मुद्दों को लेकर पिछले कुछ महीनों से अभ्यर्थियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है. सबसे बड़ी शिकायत परीक्षा की प्रक्रिया और परिणामों में पारदर्शिता की कमी को लेकर है. बीपीएससी अभ्यर्थी अब आंदोलन कर रहे हैं ताकि परीक्षा में हुई कथित अनियमितता को रोका जा सके और उन्हें न्याय मिल सके.