2020 वाली गलती 2025 में नहीं दोहराएगा NDA! आज से बिहार में संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन की शुरुआत

पटना: बिहार एनडीए का अब तक का सबसे बड़ा चुनावी अभियान आज से शुरू हो रहा है. एनडीए में फिलहाल भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल है. 225 विधानसभा सीट जीतने के लक्ष्य के साथ बिहार एनडीए का अभियान आज बगहा से शुरू हो रहा है. सभी पांचों दल बूथ स्तर तक सामंजस्य स्थापित करने की अभी से कोशिश कर रहे हैं.

आज एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन की शुरुआत

एनडीए के पहले चरण का अभियान जिन क्षेत्रों से शुरू हो रहा है, वहां फिलहाल एनडीए का दबदबा है. इसलिए अपने मजबूत किले को मजबूत बनाए रखने की तैयारी है. पहले चरण में 15 जनवरी को बगहा (पश्चिम चंपारण), 16 जनवरी को पूर्वी चंपारण, 17 जनवरी को सीतामढ़ी और शिवहर, 18 जनवरी को मुजफ्फरपुर, 19 जनवरी को वैशाली, 20 जनवरी को सारण, 21 जनवरी को सिवान और 22 जनवरी गोपालगंज में कार्यकर्ता सम्मेलन होगा.

225 सीट जीतने का लक्ष्य

पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और वैशाली की बात करें तो वहां कुल 45 विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां एनडीए का संयुक्त अभियान पहले चरण में चलना है. इसमें से 42 विधायक एनडीए के पास है, केवल 13 विधायक ही महागठबंधन के पास है. इसलिए 2025 में एनडीए ने 225 सीट जीतने का लक्ष्य रखा है. ऐसे में इस मजबूत किले को और मजबूत करने की तैयारी हो रही है.

2020 में मिली थी बंपर सीट

पूर्वी चंपारण के 12 विधानसभा में से 9 एनडीए के पास है, केवल तीन महागठबंधन के पास है. वहीं पश्चिमी चंपारण के 9 विधानसभा में से 8 एनडीए के पास है, केवल एक महागठबंधन के पास है. सीतामढ़ी की 6 विधानसभा सीटों में 5 एनडीए के पास है और एक महागठबंधन के पास है. शिवहर के 6 विधानसभा क्षेत्रों में से 4 एनडीए के पास और दो महागठबंधन के पास है, मुजफ्फरपुर की 6 विधानसभा में से 3 एनडीए और 3 महागठबंधन के पास है. वहीं, वैशाली में भी 6 विधानसभा में एनडीए और महागठबंधन के पास 3-3 सीट है.

घटक दलों में एकजुटता दिखाने की कोशिश

एनडीए के संयुक्त अभियान में पांचों घटक दल के प्रदेश अध्यक्ष शामिल होंगे. इसके अलावे सांसद, विधायक और बूथ स्तर तक के नेता और कार्यकर्ता इस सम्मेलन में मौजूद रहेंगे. एनडीए के सभी घटक दल के नेताओं के अनुसार 2025 के चुनाव 225 सीट जीतना हमारा लक्ष्य है. एनडीए नेताओं ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं के बीच किसी तरह की गलतफहमी ना रहे, क्योंकि 2020 विधानसभा चुनाव में एनडीए को बहुत नुकसान हुआ था. खासकर जेडीयू को कई सीटों का नुकसान झेलना पड़ा था.

2020 में जेडीयू को हुआ नुकसान

2020 विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड पहली बार तीसरे नंबर की पार्टी बन गई थी, उसे केवल 43 सीटों पर जीत मिली थी. चिराग पासवान की नाराजगी के कारण एनडीए को नुकसान उठाना पड़ा था. उपेंद्र कुशवाहा भी उस समय एनडीए में नहीं थे लेकिन इस बार चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा दोनों एनडीए में हैं. इसलिए एनडीए अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है.

एनडीए का मजबूत किला है चंपारण

पश्चिम चंपारण के बगहा से एनडीए का चुनावी अभियान शुरू हो रहा है. 9 विधानसभा सीटों में फिलहाल बीजेपी के खाते में 7 सीट है, जबकि जेडीयू और सीपीआईएमएल के एक-एक विधायक हैं. 2020 चुनाव में बाल्मीकि नगर में जेडीयू, बगहा में बीजेपी, बेतिया में बीजेपी, चनपटिया में बीजेपी, लोरिया में बीजेपी, नरकटियागंज में बीजेपी, नौतन में बीजेपी, रामनगर में बीजेपी और सिकटा में सीपीआईएमएल को जीत मिली थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपने अभियान की शुरुआत चंपारण से ही करते हैं. उन्हीं के निर्देश पर आज बगहा से एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन शुरू हो रहा है.

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