जदयू को बिहार के बाहर अन्य राज्यों में विस्तार देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपने को साकार करने में दिल्ली विधानसभा चुनाव बेहद अहम है. दिल्ली चुनाव को लेकर गुरुवार को हुए एनडीए के घटक दलों के सीट बंटवारे में भाजपा ने अपने पास 68 सीटें रखी हैं. वहीं नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को एक सीट दिया गया है. एक सीट चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को दी गई है.

जदयू के खाते में दिल्ली विधानसभा चुनाव में बुराड़ी की सीट दी गई है. बिहार मूल सहित पूर्वांचल के मतदाताओं की बड़ी संख्या बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में है. ऐसे में यहाँ जदयू को बड़ी जीत की उम्मीद है.

नीतीश कुमार ने सीट बंटवारे के ठीक बाद बुराड़ी से अपने दल के उम्मीदवार के नाम की भी घोषणा कर दी. जदयू ने शैलेन्द्र कुमार को उम्मीदवार बनाया है. बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में अपने जदयू के तीर को निशाने पर लगाने के लिए पिछले लम्बे अरसे से शैलेन्द्र कुमार इस इलाके में सक्रिय हैं. अब 5 फरवरी को अपनी जीत सुनिश्चित करने और जदयू को दिल्ली में खाता खुलवाने के लिए सीएम नीतीश बड़ी रणनीति के साथ चुनाव प्रचार में अपने कई नेताओं को उतार सकते हैं.


2020 में जदयू का नहीं खुला था खाता
पिछली बार 2020 के विधानसभा चुनाव में भी जदयू ने एनडीए में रहकर चुनाव लड़ा था और जदयू को केवल दो सीटें पिछली बार मिली थी. लेकिन पार्टी के उम्मीदवार दोनों सीटों पर चुनाव हार गए थे. 2015 के भी विधानसभा चुनाव में दिल्ली में जदयू का खाता नहीं खुला था. जबकि 2010 के चुनाव में जदयू के हिस्से में 4 सीटें आयी थी तो तीन सीटों पर जीत हासिल हुई थी.


लोजपा को मिली एक सीट
लोजपा (रा) की कमान सँभालने के बाद चिराग पासवान अपनी पार्टी को विस्तार देने में लगे हैं. उन्होंने झरखंड में एक सीट पर चुनाव लड़ा था और उनके उम्मीदवार ने शानदार प्रदर्शन किया था. अब उसी अनुरूप दिल्ली में चिराग पासवान अपने दल का प्रदर्शन दोहराना चाहते हैं. इसी को लेकर एक सीट देवली – SC लोजपा (रा) के लिए छोड़ी गई है. हालाँकि अभी उम्मीदवार के नाम की घोषणा चिराग ने नहीं की है.