पटना: बिहार के गांवों में रहनेवाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सस्ती बिजली देने को लेकर विद्युत विनियामक बोर्ड को बिजली कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है. कंपनियों के प्रस्ताव पर यदि विद्युत विनियामक बोर्ड की मोहर लग जाती है, तो ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को इससे कुछ राहत मिलेगी.

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ
बिजली कंपनियों की अनुशंसा से सबसे ज्यादा लाभ ग्रामीण क्षेत्र के बीपीएल कार्ड धारक उपभोक्ता को मिलेगा. वहीं जिन्हें कुटीर ज्योति योजना के तहत कनेक्शन दिया गया है, उनको भी अब लाभ देने की बात कही गई है.

शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भी मिल सकती है राहत
पेसू के जीएम श्रीराम सिंह ने ईटीवी भारत से बातचीत में बताया कि विद्युत विनियामक बोर्ड के पास जो प्रस्ताव भेजा गया है उसकी अनुशंसा की गई है. वहीं ग्रामीण क्षेत्र के अलावा शहरी क्षेत्र के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को भी लाभ देने की अनुशंसा की गई है.

कब से मिलेगा लाभ?
बिजली कंपनियों की अनुशंसा पर यदि विद्युत विनियामक बोर्ड द्वारा निर्णय ले लिया जाता है, तो 1 अप्रैल से यह लाभ बिजली उपभोक्ताओं को मिलने लगेगा. बिहार के सवा करोड़ से अधिक ग्रामीण घरेलू बिजली उपभोक्ता जो महीने में 50 यूनिट से अधिक बिजली खपत करेंगे, उन्हें 40 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिलेगी. 50 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ता को 65 पैसे प्रति मिनट के हिसाब से रियायत देने का प्रस्ताव भेजा गया है.

बिजली कंपनी का प्रस्ताव
बिजली कंपनियों ने विद्युत विनियामक बोर्ड को जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें ग्रामीण क्षेत्र के सभी बिजली उपभोक्ताओं को एक ही दर पर बिजली उपलब्ध करने की बात कही गई है. प्रस्ताव के मुताबिक सभी उपभोक्ताओं को 7.42 रु प्रति यूनिट के दर से बिजली देने की अनुशंसा की गई है. इस दर पर यदि सरकार सब्सिडी देती है, तो सभी उपभोक्ताओं को 2.45 रु प्रति यूनिट की दर से बिजली का बिल चुकाना पड़ेगा.

अभी क्या है टैरिफ रेट
अभी बिजली विभाग के द्वारा कुटीर ज्योति योजना के तहत ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए वर्तमान में, 50 यूनिट तक 7.42 रुपये प्रति यूनिट दर निर्धारित है. वैसे इन उपभोक्ताओं को सरकार सब्सिडी देती है. ग्रामीण कुटीर ज्योति योजना के तहत 50 यूनिट तक बिजली की दर 7.42 रुपये प्रति यूनिट है. इसमें सरकार 5.45 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी देती है.

कितनी मिलती है सब्सिडी
बिहार में सब्सिडी के कारण उपभोक्ताओं को सिर्फ 1.97 रुपये प्रति यूनिट चुकाने पड़ते हैं. जबकि जेनरल ग्रमीण उपभोक्ता को इस योजना के तहत 4.97 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी देती है. सब्सिडी मिलने के कारण इन उपभोक्ताओं को 2.45 प्रति यूनिट बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता है.