थाने में छलक रहा था जाम और डांसरों के साथ झूम रहे थे दारोगा बाबू, जानें फिर क्या हुआ

छपरा: बिहार के छपरा में मशरख उत्पाद विभाग थाने में शराब पार्टी करने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है. इन पुलिसकर्मियों द्वारा उत्पाद विभाग के थाने में ही शराब पार्टी की जा रही थी. इस मामले की सूचना जैसे ही सारण के एसपी कुमार आशीष को मिली एक विशेष टीम ने थाने में छापेमारी की और पुलिस ने मौके से तीन उत्पाद पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जिन पर शराब पीने का आरोप है.

थाने में शराब पार्टी 

ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में दो पुलिसकर्मियों के शराब पीने की पुष्टि हो गई है. इसके बाद सभी तीनों पुलिसकर्मियों को थाने के हाजत में बंद कर दिया गया है. गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर सुनील कुमार, दारोगा कुंदन कुमार और थाने का कांस्टेबल संतोष कुमार का नाम शामिल है. एसपी कुमार आशीष ने बताया कि गुप्त सूचना मिली कि ऐसा अनैतिक काम उत्पाद थाने में चल रहा है.

डीएसपी ने जांच में तीनों को दबोचा

इसके बाद जांच कार्रवाई के टीम बनाई गई. बुधवार की रात मसरख डीएसपी अमरनाथ के नेतृत्व में एक टीम को जांच के लिए भेजा गया. मशरख चंदेश्वर मोड़ के पास एन एच 227ए से मुख्य मार्ग पर स्थित उत्पाद थाने में आपत्तिजनक स्थिति में पुलिसकर्मियों को देखकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और मौके से तीन पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया गया. वहां से शराब की बोतल भी बरामद की गई.

शराब पीने से हो चुकी है मौत

डीएसपी ने देर रात सभी तीनों को गिरफ्तार कर सारण एसपी को सूचित कर मशरख थाना में प्राथमिक की दर्ज कराई गई है. तीनों पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है. वहीं एसपी कुमार आशीष ने इस घटना की पुष्टि की है. बता दें कि सारण के मशरख थाना क्षेत्र में शराब पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है.

डांसर के साथ झूम रहे थे पुलिसकर्मी

आसपास के लोगों द्वारा बताया गया कि देर-रात थाने में डांसर को भी बुलाया गया था और बार डांसरों के साथ यहां शराब भी परोसा जा रहा था. स्थानीय लोगों की माने तो यहां आए दिन ऐसी पार्टी चलती थी. थाने में उत्पाद विभाग के द्वारा यह कांड किया गया है. जिससे एक बार फिर सारण पुलिस की छवि धूमिल हुई है.

बिहार में पूर्ण शराबबंदी

बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है. महिलाओं की मांग पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी प्रदेश में लागू की थी. इसको लेकर कई बार विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष भी सवाल उठा चुका है. वहीं शराबबंदी कानून को नीतीश कुमार किसी भी कीमत पर वापस लेने को तैयार नही हैं. इस कानून के तहत शराब पीना पिलाना या बेचना अपराधी है और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है.

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