बिहार : बिहार के शहरी इलाकों में पान की गुमटी और छोटी दुकानें चलाने वाले हजारों दुकानदारों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार और बिजली नियामक आयोग ने छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए बिजली के ‘फिक्स्ड चार्ज’ में भारी कटौती का फैसला किया है। एक अप्रैल से लागू हुए इस नए नियम के तहत अब दुकानदारों को फिक्स्ड चार्ज के रूप में एक चौथाई कम राशि देनी होगी। इस फैसले से राज्य के लगभग 20 हजार से अधिक दुकानदारों को सीधा फायदा पहुँचेगा।

200 की जगह अब मात्र 150 रुपये
बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह मुहर लगाई है। पहले शहरी क्षेत्रों में आधा किलोवाट (0.5 KW) का कनेक्शन रखने वाले छोटे उपभोक्ताओं को हर महीने 200 रुपये फिक्स्ड चार्ज देना पड़ता था। अब इसे घटाकर मात्र 150 रुपये कर दिया गया है। यानी हर महीने 50 रुपये की बचत होगी, जो सालाना आधार पर कुल 600 रुपये की सीधी बचत है।

किसे मिलेगा फायदा?
यह रियायत मुख्य रूप से एनडीएस-दो (NDS-II) श्रेणी के उन उपभोक्ताओं के लिए है, जिन्होंने आधा किलोवाट का लोड ले रखा है। बिजली कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, नॉर्थ बिहार में इस श्रेणी के करीब 2595 और साउथ बिहार में 9458 उपभोक्ता हैं। एक साल के भीतर ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 20 हजार होने का अनुमान है, जिन्हें इस कटौती का लाभ एक अप्रैल से मिलना शुरू हो गया है।

कमी सिर्फ छोटी दुकानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि छोटे उद्योगों (LTIS श्रेणी) को भी राहत दी गई है। एलटीआईएस-एक श्रेणी में फिक्स्ड चार्ज को 288 रुपये से घटाकर 278 रुपये और एलटीआईएस-दो श्रेणी में 360 रुपये से घटाकर 350 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी ने फिक्स्ड चार्ज कम करने का प्रस्ताव दिया था ताकि छोटे कारोबारियों पर बोझ कम हो सके और वे बेहतर ढंग से अपना काम कर सकें।
