पटना : बिहार के अगले सीएम के रूप में सम्राट चौधरी के नाम की चर्चा तेज है, लेकिन उससे पहले ही बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है. सम्राट चौधरी को सीएम बनाने की मांग वाला पोस्टर खुद बीजेपी कार्यकर्ता ही फाड़ने लगे हैं. मामला बिहार बीजेपी मुख्यालय के बाहर का है, जहां पोस्टर विवाद से सियासी बवाल हो गया है. लोग पूछ रहे हैं कि ये नाराजगी कैसी है?

सम्राट चौधरी का फाड़ा पोस्टर : दरअसल, भाजपा कार्यालय के बाहर वाल्मीकि संघ द्वारा एक पोस्टर लगाकर यह मांग की गई थी कि सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाए. इस पोस्टर को वाल्मीकि संघ ने लगाया था. लेकिन, कुछ देर के बाद भाजपा कार्यालय के अंदर से कुछ कार्यकर्ता बाहर आए और उस पोस्टर को फाड़ दिया. जिसके बाद लोगों के जेहन में सवाल उठने लगे हैं.

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ही फाड़ा पोस्टर : कार्यकर्ताओं ने ताबड़तोड़ पोस्टर्स को फाड़ना शुरू किया. बीजेपी कार्यालय का गार्ड भी पोस्टर्स को फाड़ने में मदद करने लगा. जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ”ये पोस्टर हमारे पार्टी के किसी कार्यकर्ता ने नहीं लगाया है.” जब उनसे पूछा गया कि सम्राट के नाम से नाराजगी है? तो उन्होंने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है.


बीजेपी सम्राट चौधरी को नहीं पसंद करती? : सम्राट चौधरी के सीएम बनाने की मांग वाला पोस्टर पटते ही कई सवाल उठने लगे हैं. क्या सम्राट चौधरी के नाम पर कार्यकर्ताओं में कोई नाराजगी है? क्या बीजेपी कार्यालय में बैठे हुए नेता सम्राट चौधरी को पसंद नहीं करते हैं? क्या कारण है कि जब पोस्टर में कुछ भी ऐसा आपत्तिजनक नहीं था तो उसे किस खुन्नस में फाड़ा गया? और आखिरी सवाल ये कि पोस्टर फाड़ने वाले कौन लोग थे?

पोस्टर फाड़ने का क्या है संदेश? : सीएम नीतीश दिल्ली दौरे पर हैं. जल्द ही सीएम नीतीश कुमार, अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिल्ली में बैठक करेंगे. वहीं पर बिहार के अगले सीएम की रणनीति बनेगी. बिहार आकर वह इस्तीफा सौंपेंगे, और फिर एनडीए के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होगी, लेकिन सम्राट चौधरी का इस तरह पार्टी कार्यालय में पोस्टर फाड़ना ये दिखाता है कि सम्राट चौधरी को पार्टी में नापसंद किया जा रहा है? कहीं पोस्टर फाड़ना दिल्ली वालों को एक संदेश की तरह तो नहीं दिया गया?

