बिहार के इंजिनियरिंग और पॉलेटेक्निक कॉलेजों से पास छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खबर

बिहार: बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कालेजों से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी खबर है। उन्हें जल्द ही नौकरी करने का मौका मिल सकता है। सम्राट चौधरी की सरकार बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कालेजों से उत्तीर्ण छात्रों को नौकरी सुनिश्चित करेगी। बिहार के डिप्टी सीएम सह विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने विभाग को निर्देश दिया है।

उप मुख्यमंत्री ने विभाग की ओर से संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना, शिक्षकों की नियुक्ति, तारामंडल एवं साइंस सिटी की भी समीक्षा की। उन्होने प्रगति तथा नवाचार से जुड़ी गतिविधियों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्लेसमेंट के अवसर समान रूप से सृजित किये जाएं। प्लेसमेंट के लिए विभिन संस्थानों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित की जाये। बैठक में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के मानसिक और समग्र विकास पर भी गंभीरता से चर्चा हुई।

अभिभावकों के महत्वपूर्ण सुझावों पर तत्परता से कार्य

विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जाए और अभिभावकों द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों पर विभाग तत्परता से कार्य करे। विभाग के निदेशक अहमद महमूद ने जानकारी दी कि विभाग शैक्षणिक संस्थानों की कार्यक्षमता और अधिक सुदृढ़ करने के लिए ‘यंग प्रोफेशनल्स’ की नियुक्ति की दिशा में कार्य कर रहा है।

मिशन मोड में कार्य

डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने राज्य के अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) महाविद्यालयों की रैंकिंग पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिया कि विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि एनबीए जैसी संस्थाओं से एक्रेडिटेशन (मान्यता) प्राप्त करने की दिशा में ‘मिशन मोड’ में काम हो। जिन संस्थानों ने अब तक मान्यता के लिए दावा नहीं किया है, उनका विस्तृत ब्यौरा तलब किया जाए । विभाग में इसके लिए एक सेल का गठन करते हुए नोडल पदाधिकारी नामित किया जाए ।

तारामंडल में नवाचार और वैज्ञानिक जागरूकता

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विभाग के बीआईआरएससी की ओर से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद से आवश्यक समन्वय स्थापित कर ‘नाइट स्काई एटलस’ जैसी नवीनतम तकनीक राज्य के विकासात्मक कार्यों के लिए उपयोग किया जाय।

 

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