‘नेताओं के कमरे में महिलाओं…’ बयान पर फंस रहे पप्पू यादव, जेडीयू नेत्री ने की थाने में शिकायत

पूर्णिया : बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव महिलाओं को लेकर दिए गए एक बयान को लेकर फंसते नजर आ रहे हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड की एक नेत्री ने पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पटना पुलिस को आवेदन दिया है। इसमें सांसद पर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। सांसद ने पिछले दिनों कहा था कि नेताओं के कमरे में गए बगैर 90 प्रतिशत महिलाएं राजनीति नहीं कर सकती हैं। इस बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है और एनडीए की ओर से उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की जा रही है।

जदयू नेत्री ने अपने आवेदन में सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। सिटी एसपी का कहना है कि आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।

महिला आयोग भेज चुका है नोटिस

सांसद पप्पू यादव के बयान को आपत्तिजनक बताते हुए बिहार राज्य महिला आयोग भी उन्हें नोटिस भेज चुका है। 21 अप्रैल को भेजे गए नोटिस में आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने सांसद से उनके बयान पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सांसद से तीन दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया और पूछा गया कि क्यों ना उनकी सांसदी रद्द करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से सिफारिश की जाए। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी पप्पू यादव के बयान की निंदा की थी।

दूसरी ओर, सांसद पप्पू यादव अपने बयान पर अडिग हैं। विवाद होने के बाद उन्होंने अपने बयान के बचाव में कहा कि वह सिर्फ इस बात को बताने की कोशिश कर रहे थे कि कई महिलाएं अपने मार्गदर्शकों द्वारा शोषण का शिकार होती हैं।

पप्पू यादव ने क्या कहा था?

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने पिछले दिनों कहा था कि नेताओं के कमरे में गए बगैर 90 प्रतिशत महिलाएं राजनीति नहीं कर सकती हैं। भारत को नोचने की एक गलत संस्कृति बन गई है। स्कूल, कॉलेज, दफ्तर, घर सब जगह महिलाओं के साथ शोषण हो रहा है। उनका इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद भाजपा, जदयू समेत अन्य सत्ताधारी दलों की नेत्रियों ने सांसद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

पप्पू यादव महिलाओं के साथ यौन शोषण का मुद्दा कई बार उठा चुके हैं। पिछले संसद सत्र में महिला आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने सदन में दावा किया था कि महिलाओं के साथ यौन शोषण करने में राजनेता सबसे पहले नंबर पर हैं। इसके बाद बाबाओं और अफसरों का नंबर आता है। उन्होंने यह भी कहा था कि गूगल पर सबसे ज्यादा पोर्न नेता ही देखते हैं।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading