मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर के शहबाजपुर मठ मोहल्ले (मधुबन जगदीश गांव) में जमीन विवाद में संतोष साह का हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। पत्नी और दो बच्चों की हत्या के बाद बेसुध संतोष साह ने पुलिस को बताया कि पत्नी रीता से अंतिम बार सोमवार की रात साढ़े 10 बजे मोबाइल पर बात हुई थी। मामला कांटी थाना क्षेत्र का है।

संतोष ने बताया कि पत्नी ने मां उर्मिला देवी के मोबाइल से उसने कॉल की थी। उसने पूछा था कि अभी बारात निकली है या नहीं। संतोष ने जवाब दिया कि बारात अब निकलने वाली है। बस में बैठ गए हैं। इसपर रीता ने उससे कहा कि बारात नहीं जाइए, वापस आइए। संतोष ने पुलिस को बताया कि पत्नी से जल्दी लौट आने की बात कह वह बारात चला गया।

मंगलवार की सुबह साढ़े पांच बजे लौटा तो घर में बेड पर पत्नी और दो बच्चों का शव पड़ा था। संतोष ने पुलिस को बताया कि बीते दशहरा के समय से ही चचेरे भाई लगातार घर में घुसकर पूरे परिवार की हत्या कर देने की धमकी दे रहे थे। संतोष ने आरोप लगाया कि उसके निशाने पर हम थे। अगर थोड़ी भी भनक हो जाती कि पत्नी व बच्चों को मार देगा तो बारात नहीं जाते।

जमीन पर केस की चार दिन पहले आया था नोटिस
पट्टीदारों से जमीन पर केस का नोटिस चार दिनों पहले ही गरीबनाथ साह को मिला था। घरारी की जमीन पत्नी उर्मिला को लिख देने के बाद उसके भाई के पुत्रों ने कोर्ट में केस कर दिया था। इसी केस में जवाब दाखिल करने के लिए गरीबनाथ साह व उसकी पत्नी को नोटिस आया था।

दूसरे कमरे में थी देवरानी, भनक तक नहीं लगी
गरीबनाथ साह के छोटे पुत्र रंजीत साह उर्फ विक्की की पत्नी रिंकल कुमारी व दो बच्चे बगल में सटे दूसरे कमरे में सोए थे, पर उन्हें हत्या की भनक तक नहीं लगी। सुबह में जब संतोष व रंजीत बारात से लौटकर आए तो उसका कमरा भी बाहर से बंद पाया। उसे भी आवाज देकर जगाया। पुलिस ने रिंकल से भी पूछताछ की, लेकिन उसने अनभिज्ञता जताई। इधर, सुबह में मां और उसके दो बच्चों की आत्महत्या की अफवाह उड़ी। लेकिन, परिवार वालों के बयान से मामला हत्या की ओर घूम गया।

