मुंगेर: मुंगेर आज एक ऐसे ऐतिहासिक और बहुआयामी आयोजन का गवाह बन रहा है, जहां एक ही मंच पर आध्यात्मिक आस्था, सांस्कृतिक भव्यता और राजनीतिक हलचल तीनों का जबरदस्त संगम देखने को मिल रहा है। बिहार योग विद्यालय द्वारा आयोजित स्वामी सत्यानंद सरस्वती के पदार्पण महोत्सव और श्रीनिवास कल्याणोत्सव ने पूरे इलाके को भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया है।

इस धार्मिक आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जहां भगवान श्रीनिवास और माता लक्ष्मी के दिव्य विवाह का आयोजन मुख्य आकर्षण बना हुआ है। 5 और 6 मई को मुंगेर को भक्तिमय और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है।

इसी बीच राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज इस आयोजन में शामिल होंगे और संतों से आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। उनके साथ विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहेंगे। वहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और अधिक राजनीतिक महत्व दे दिया है।

सीएम का कार्यक्रम पटना से रवाना होकर गया होते हुए मुंगेर पहुंचने का है, जहां वे योगाश्रम में धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेंगे। इसके बाद बबुआ घाट पर गंगा पथ (मरीन ड्राइव परियोजना) का निरीक्षण और विकास कार्यों की समीक्षा भी प्रस्तावित है। साथ ही वे पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरा मुंगेर छावनी में तब्दील कर दिया गया है। ड्रोन से निगरानी, क्यूआरटी टीम की तैनाती, कड़ी बैरिकेडिंग और नया ट्रैफिक रूट प्लान लागू किया गया है। हर गतिविधि पर प्रशासन की पैनी नजर है। शाम को पोलो मैदान में 550 ड्रोन का भव्य एयर शो और लेजर शो इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण होगा, जबकि 6 मई को भगवान तिरुपति बालाजी की उत्सव प्रतिमा के दिव्य दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष अवसर होंगे। मुंगेर आज केवल धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि आस्था, सत्ता और विकास का त्रिवेणी संगम बनकर उभरा है जहां भक्ति का सागर भी है और सियासी ताकत का प्रदर्शन भी।