माथा पीटने से कोई लाभ नहीं, विपक्षी एकजुटता के बिना भाजपा को हराना मुश्किल : अखिलेश सिंह

बिहार : बंगाल पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत पर कांग्रेस के राज्य सभा सांसद अखिलेश सिंह ने बड़ा बयान दिया है। आज पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान बंगाल चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस राज्या सांसद अखिलेश सिंह ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि अब माथा पीटने से कोई लाभ नहीं होगा, क्योंकि सरकार बन चुकी है और जनादेश को स्वीकार करना ही पड़ता है। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि पहले पार्टी बंगाल में शून्य पर थी, लेकिन अब दो सीटों पर जीत हासिल की है। उन्होंने गठबंधन की राजनीति पर जोर देते हुए कहा कि समय की मांग है कि सभी विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ एक साथ मिलकर लड़ें।

अकेले बीजेपी को नही हरा सकता कोई दल अखिलेश सिंह

सांसद अखिलेश सिंह ने क्षेत्रीय दलों को आगाह करते हुए कहा कि ममता बनर्जी या अन्य कोई भी दल अगर यह समझता है कि वह अकेले भाजपा को हरा सकता है, तो यह उनकी भूल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में खास तौर पर क्षेत्रीय पार्टियों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है, जिसे उन्हें समझना चाहिए। भाजपा जैसी बड़ी शक्ति से मुकाबले के लिए सभी विपक्षी दलों का एक मंच पर आना अनिवार्य है। कांग्रेस द्वारा भाजपा को टक्कर न दे पाने के सवाल पर उन्होंने पलटवार करते हुए याद दिलाया कि केरल में कांग्रेस ने ही विपक्ष को शून्य पर धकेल दिया था।

बिहार की नई सम्राट सरकार को दिए यह सुझाव

बिहार में आगामी 7 मई को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार पर चुटकी लेते हुए अखिलेश सिंह ने कहा कि वे कामना करते हैं कि नए मंत्री बेहतर हों और जनता की आकांक्षाओं को पूरा कर सकें। उन्होंने बिहार की खराब छवि पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। नए मंत्रिमंडल की पहली प्राथमिकता बिगड़ती लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को सुधारना और शासन में पारदर्शिता लाना होनी चाहिए ताकि राज्य की छवि में सुधार हो सके।

बिहार में लगातार गिर रहे पुलों पर उठाए सवाल

प्रदेश में लगातार गिर रहे पुलों की घटनाओं पर अखिलेश सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। विक्रमशिला पुल के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में पुलों का गिरना अब कोई नई बात नहीं रह गई है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि पंजाब के एक ही ठेकेदार को बार-बार ठेका दिया जा रहा है, जबकि उसके द्वारा बनाए गए कई पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं। उन्होंने आश्चर्य जताया कि बार-बार विफल होने के बावजूद सारा काम उसी ठेकेदार को क्यों सौंपा जा रहा है।

अंत में, उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि निर्माण कार्यों में हो रहे इस बड़े भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय समीक्षा की जाए। अखिलेश सिंह ने कहा कि जनता के पैसों की बर्बादी रोकने के लिए सरकार को कड़े निर्णय लेने होंगे और दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी, तो राज्य के विकास का दावा महज कागजी बनकर रह जाएगा।

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