सीतामढ़ी: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकारी अध्यक्ष नीतीश कुमार बुधवार को सीतामढ़ी दौरे पर रहे। वह सुबह करीब 11 बजे सीतामढ़ी पहुंचे। सीतामढ़ी में प्रवेश के साथ ही रुन्नीसैदपुर में स्थानीय विधायक पंकज मिश्रा ने नेतृत्व में कार्यकर्ता एवं समर्थकों ने नीतीश का भव्य स्वागत किया। नीतीश ने कुछ देर कार्यकर्ताओं से बात कर वहां से डुमरा स्थित सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के आवास के लिए रवाना हो गए, जहां लंच और जदयू नेताओं की बैठक का आयोजन किया गया।

रुन्नीसैदुर में नीतीश के उनके काफिले पर पुष्प वर्षा की गई। विधायक पंकज मिश्रा ने नीतीश कुमार को माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान नीतीश भी गाड़ी से उतरे और लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों से बात की। साथ ही उन्हें संगठन मजबूत करने की सलाह दी। नीतीश ने समर्थकों एवं लोगों का अभिवादन करते हुए कहा कि वे आगे भी यहां आते रहेंगे। इस दौरान नीतीश कुमार के समर्थन में जमकर नारेबाजी की गई।

जदयू अध्यक्ष रुन्नीसैदपुर से सीधे डुमरा के लिए रवाना हो गए। डुमरा में जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के आवास पर दोपहर का भोजन के साथ ही सीतामढ़ी जिले के एनडीए पदाधिकारियों एवं विधायकों के साथ नीतीश कुमार ने बैठक की।

डुमरा पहुंचते ही नीतीश कुमार का सांसद देवेश चंद्र ठाकुर और उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। अभिनंदन समारोह के बाद सांसद के आवास पर बैठक शुरू हुई। नीतीश ने जिले के जदयू नेताओं के साथ सीतामढ़ी जिले में संगठन की मौजूदा स्थिति, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन समेत अन्य की जानकारी ली। उन्होंने जन प्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं को लगातार जमीन पर सक्रिय रहने के निर्देश दिए। नीतीश ने पार्टी नेताओं से क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर फीडबैक लिया। नीतीश ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को भी गिनाया।
बैठक के बाद नीतीश कुमार सड़क मार्ग से पटना के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के आमंत्रण पर नीतीश सीतामढ़ी पहुंचे थे। वह जदयू अध्यक्ष के करीबी नेताओं में से एक हैं। नीतीश कुमार के इस दौरे से सीतामढ़ी जिले में जदयू कार्यकर्ताओं में जोश भर गया और उनका मनोबल बढ़ा है।

लगभग 20 साल से ज्यादा समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने पिछले महीने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन किया गया। नीतीश अब राज्यसभा सांसद बन गए हैं। सीएम पद छोड़ने का ऐलान करने के दौरान ही उन्होंने जदयू नेताओं को भरोसा दिलाया था कि वह उनसे जुड़े रहेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करने के साथ ही नई सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे। सम्राट सरकार में नीतीश के बेटे निशांत कुमार स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए हैं।