पटना: राजधानी पटना में संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन की ओर से 14 मई (गुरुवार) को सिविल डिफेंस मॉकड्रिल और ब्लैकआउट अभ्यास किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार शाम 7 बजे से 7:15 बजे तक पटना के शहरी क्षेत्रों में ब्लैकआउट रहेगा। इस दौरान सायरन बजते ही लोगों को अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और अन्य प्रतिष्ठानों की सभी लाइटें बंद करनी होंगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक पूर्व निर्धारित अभ्यास है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग करने और मॉकड्रिल को गंभीरता से लेने की अपील की है, ताकि किसी वास्तविक आपदा या हवाई हमले जैसी स्थिति में प्रशासन और आम लोग बेहतर तरीके से तैयार रह सकें।


मुख्य मॉकड्रिल से पहले 13 मई को पटना समाहरणालय में टेबल-टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इसमें हवाई हमले जैसी काल्पनिक स्थिति बनाकर विभिन्न विभागों की भूमिका, आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई का पूर्वाभ्यास कराया जाएगा। अधिकारियों को आपात स्थिति में रेस्क्यू, संचार व्यवस्था, बिजली नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा से जुड़े निर्देश भी दिए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा है कि ब्लैकआउट के दौरान लोग पूरी तरह शांत रहें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा, “यह केवल तैयारी का हिस्सा है। इसका उद्देश्य नागरिकों और विभिन्न विभागों की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है।”
ब्लैकआउट के दौरान क्या करें
प्रशासन की एडवाइजरी के अनुसार घर, दुकान और कार्यालय की सभी लाइटें बंद रखें। इन्वर्टर और जनरेटर भी बंद कर दें। खिड़की और दरवाजों के पर्दे बंद रखें। वाहन चला रहे हों तो तुरंत सुरक्षित किनारे लगाकर इंजन बंद करें। टीवी, मोबाइल या रेडियो के जरिए सरकारी निर्देश सुनते रहें। जरूरी दवाइयां और टॉर्च पहले से तैयार रखें। परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर रखें।

क्या नहीं करें
ब्लैकआउट के दौरान किसी भी प्रकार की रोशनी न करें। सड़क पर भीड़ न लगाएं और शोर-शराबा न करें। अफवाहें न फैलाएं और भ्रामक जानकारी साझा न करें। वाहन की हेडलाइट या अन्य लाइट चालू न रखें। बेवजह इमरजेंसी सेवाओं पर कॉल न करें। छतों और गलियों में अनावश्यक घूमने से बचें। सरकारी निर्देशों की अनदेखी न करें।