लीची ने पकड़ी स्पाइसजेट फ्लाइट, एयरपोर्ट से शाही लीची की पहली उड़ान, बिहार की मिठास- किसानों की कमाई को लगा पंख!

दरभंगा हवाई अड्डे से बिहार की प्रसिद्ध और दुनिया भर में अपनी मिठास के लिए मशहूर शाही लीची ने अब आसमान की उड़ान भर ली है। यह सिर्फ एक खेप का परिवहन नहीं, बल्कि बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था और किसानों के भविष्य को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

मुजफ्फरपुर से GI टैग प्राप्त शाही लीची की पहली 200 किलोग्राम की नमूना खेप स्पाइसजेट एयरलाइंस के माध्यम से अहमदाबाद के लिए रवाना की गई। इस पहल ने न सिर्फ स्थानीय किसानों में उत्साह भर दिया है, बल्कि पूरे उत्तर बिहार के बागवानी सेक्टर को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का मजबूत संकेत भी दिया है।

यह पूरी पहल एक संगठित कृषि-लॉजिस्टिक्स मॉडल के तहत की गई है, जिसमें बिहार स्थित स्टार्टअप विश्वकेनह एग्रो एंड डेयरी प्राइवेट लिमिटेड ने अहम भूमिका निभाई है। यह संस्था किसानों, एफपीओ और व्यापारियों के बीच एक सेतु का काम कर रही है और खेती से लेकर पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और बाजार तक की पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने में जुटी है।

दरभंगा एयरपोर्ट की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि अब यह हवाई अड्डा सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि कृषि उत्पादों के लिए भी एक उभरता हुआ कार्गो हब बन सकता है। हवाई मार्ग से लीची जैसे नाजुक फल की डिलीवरी से ट्रांजिट समय कम होगा, गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी और किसानों को सीधे बड़े शहरों में बेहतर दाम मिल सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बिहार के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे न केवल लीची, बल्कि अन्य फल और सब्जियों के निर्यात के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने से किसानों की आय में बढ़ोतरी की संभावना और मजबूत हो जाएगी।

स्पाइसजेट एयरलाइंस, स्थानीय प्रशासन, किसान समूह और विभिन्न हितधारकों के सहयोग से यह सफल परीक्षण किया गया है। अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में नियमित एयर कार्गो सेवा शुरू होगी, जिससे बिहार की शाही लीची देश ही नहीं, विदेशों तक अपनी मिठास बिखेर सकेगी।

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