मुजफ्फरपुर: बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा सोमवार को मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि, जब वो बेईमान लोगों पर कार्रवाई करने की सोचते हैं तब उनका विभाग ही बदल दिया जाता है.

विभाग बदलने पर विजय सिन्हा का छलका दर्द
राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में आयोजित ”बिहार लीची संगम: बाग से निर्यात तक” कार्यक्रम के दौरान बिहार के कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने तंज भरे अंदाज में कहा, ”मैं तल्लीनता से पढ़ाई करता हूं, लेकिन परीक्षा देने के समय सब्जेक्ट ही बदल जाता है. फिर भी परीक्षा देने की कोशिश करता हूं.”

विभाग बदलने का दर्द तो नहीं!
विजय कुमार सिन्हा का यह बयान उनके विभाग में बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है. बता दें कि इससे पहले नीतीश कुमार की सरकार में वे बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एंव भूमि सुधार मंत्री जनवरी 2024 से अप्रैल 2026 तक) रह चुके हैं. वर्तमान सम्राट सरकार में वे कृषि मंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं
अधिकारियों को फील्ड में उतरने की नसीहत
बिहार के कृषि मंत्री ने इस मौके पर राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र में आयोजित लीची की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया. मंत्री ने किसानों की समस्याएं सुनीं और कहा कि सरकार लीची उत्पादकों की दिक्कतों को दूर करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है. उन्होंने अधिकारियों को भी फील्ड में उतरकर काम करने की नसीहत दी.

लीची के लिए बाजार मुहैया कराएगी
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने लीची उत्पादन में कमी, परिवहन और फसल बीमा जैसी मांगें उठाईं. किसानों की समस्याएं सुनने के बाद मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार बेहतर बाजार, तकनीकी सहायता और परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी. उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान कृषि और बागवानी से है, इसलिए किसानों को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है.