कोचिंग माफिया पर प्रशासन का चला हंटर, स्कूल टाइम में चल रही गुप्त पाठशालाओं पर लगा ताला, 5 सेंटर सील

बिहार : शिक्षा व्यवस्था को धता बताकर चल रहे कोचिंग संस्थानों पर जिला प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। शुक्रवार सुबह शिक्षा विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी कर आधा दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद कोचिंग संचालकों के बीच हड़कंप मच गया, जबकि छात्रों और अभिभावकों के बीच भी पूरे दिन इस कार्रवाई की चर्चा होती रही।

सूत्रों के मुताबिक जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि रोहतास जिले के डेहरी के  कई इलाकों में स्कूल के निर्धारित समय पर कोचिंग संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। आरोप था कि कई छात्र स्कूल जाने के बजाय सीधे कोचिंग सेंटर पहुंच रहे हैं, जिससे सरकारी और निजी स्कूलों में उपस्थिति प्रभावित हो रही है। शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की गुप्त पड़ताल शुरू की और फिर ताबड़तोड़ कार्रवाई की योजना बनाई।

सुबह-सुबह जब अधिकांश कोचिंग संचालक अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे, तभी शिक्षा विभाग की टीम ने दबिश दे दी। जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने अधिकारियों को भी चौंका दिया। कई कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित पाए गए, जहां सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन हो रहा था।

आपातकालीन निकास, अग्निशमन व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजाम नदारद मिले।प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश कोचिंग संस्थानों के पास वैध पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) तक नहीं था। बिना किसी सरकारी अनुमति के शिक्षा का कारोबार चलाया जा रहा था। नियम-कानून को ताक पर रखकर संचालित हो रहे इन संस्थानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

सबसे बड़ी कार्रवाई पाली मोहल्ले में देखने को मिली, जहां पांच कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि ये संस्थान न केवल बिना मानक के संचालित हो रहे थे, बल्कि स्कूल समय में भी कक्षाएं चला रहे थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्कूल के समय कोचिंग संचालन की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी। शिक्षा विभाग का मानना है कि स्कूलों में छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। यदि छात्र स्कूल छोड़कर कोचिंग संस्थानों की ओर रुख करेंगे तो शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसी वजह से सरकार समय-समय पर स्कूल टाइमिंग में कोचिंग संचालन पर रोक लगाने की हिदायत देती रही है।

कार्रवाई के बाद कई कोचिंग संचालक सफाई देते नजर आए, लेकिन अधिकारियों ने साफ कर दिया कि बिना पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के किसी भी संस्थान को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आने वाले दिनों में भी ऐसे संस्थानों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। डेहरी में हुई इस कार्रवाई ने पूरे शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। कई अन्य कोचिंग संचालक अब अपने दस्तावेज दुरुस्त करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में जुट गए हैं। प्रशासन का संदेश साफ है शिक्षा के नाम पर नियमों की अनदेखी और छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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