पटना: बिहार में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. राजधानी पटना के गांधी घाट में गंगा आज खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को गांधी घाट में गंगा का जलस्तर 48.36 मीटर था लेकिन आज 48. 80 मीटर पहुंच गया है. जबकि गांधी घाट में खतरे का निशान 48 मीटर 60 सेंटीमीटर ही है यानी गंगा खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.

गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी
पिछले दो दिनों में गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और गांधी घाट पर अधिकांश सीढ़ियां डूब चुकी हैं, हर तरफ पानी ही पानी दिख रहा है. पटना में गांधी घाट पर पानी खतरे के निशान से ऊपर चला गया है. सभी गंगा घाटों पर भी जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया है. बड़ी संख्या में लोग गंगा घाटों पर घूमने भी पहुंच रहे हैं.

गांधी घाट पर घूमने पहुंच रहे लोग
गंगा में बढ़ते जलस्तर की सूचना जैसे ही लोगों को मिल रही है लोग गांधी घाट पर घूमने भी पहुंच रहे हैं. छोटे-छोटे बच्चों को भी स्कूल की छुट्टी के बाद गंगा के बढ़ते जलस्तर को दिखाने लोग ला रहे हैं. पटना से बाहर के लोग भी गंगा का नजारा देखने पहुंच रहे हैं.
हर घंटे 2 सेंटीमीटर बढ़ रहा जलस्तर
वहीं केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर हर घंटे 2 सेंटीमीटर बढ़ रहा है. पिछले एक सप्ताह से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन पिछले दो दिनों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. आयोग के मुताबिक जिस प्रकार से गंगा के जलस्तर का राइजिंग ट्रेंड है, आने वाले कुछ दिनों में यदि इसी रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो पटना के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है.

बढ़ते जलस्तर से कटाव शुरू
ऐसे में दियारा इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई है. बिहार के कई इलाकों में गंगा के बढ़ते जलस्तर से कटाव शुरू हो गया है. वहीं जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी का कहना है कि हम नजर बनाए हुए हैं, फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है. प्रशासन को भी अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है. विभाग के अधिकारी और
मुश्किल बढ़ाने वाले हो सकते है आने वाले दिन
बिहार में इस बार मानसून में औसत से कम बारिश हुई है उसके बावजूद गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि वृद्धि हो रही है. खास कर दियारा इलाके के लोगों की मुश्किल बढ़ने लगी है, निचले इलाके से लोग सुरक्षित स्थानों पर निकल रहे हैं. जलस्तर में जिस तेजी से बढ़ोतरी हो रही है आने वाले कुछ दिन और मुश्किल बढ़ाने वाले हो सकते है. हर साल पटना पर भी बाढ़ खतरा बना रहता है. यदि जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई तो पटना के लिए भी चुनौती बढ़ेगी.
