5 बच्चों की मां से 3 बच्चों के पिता को हुआ इश्क, अस्पताल में मचा बवाल; प्रेमी की जमकर कुटाई

बिहार के औरंगाबाद का सदर अस्पताल एक अजूबे प्रेम प्रसंग को लेकर मंगलवार को जंग का मैदान बन गया। करीब दो घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ। पुलिस सबको उठाकर थाने पर ले गई तब अस्पताल में स्थिति सामान्य हुई। हालांकि, किसी पक्ष से आवेदन नहीं मिने पर पुलिस ने सबको समझा बुझाकर घर भेज दिया।

मंगलवार को औरंगाबाद सदर अस्पताल में इमरजेंसी के पास जमकर हंगामा हुआ। खबर फैली कि एक युवक अपनी पहली पत्नी को छोड़ कर शादीशुदा दूसरी महिला से लव मैरिज करने जा रहा है। बताया जा रहा है कि युवक तीन बच्चों का पिता है। जिस महिला से वह कथित रूप से शादी करना चाहता था, वह भी पांच बच्चों की मां है। बताया जा रहा है कि दोनों कोर्ट में शादी करने पहुंचे थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद दोनों के परिजन कोर्ट पहुंच गए और बवाल कर दिया। हंगामे के दौरान युवक की जोरदार पिटाई हो गई। जख्मी युवक शादी का दस्तवेज लेकर इलाज कराने अस्पताल पहुंचा। युवक के परिजन सदर अस्पताल में भी पहुंच गए। वहां दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और महिला के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान अस्पताल परिसर में लाठी-डंडे भी चलने की बात सामने आई है।

हंगामे की सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस और डायल 112 की टीम सदर अस्पताल पहुंची। पुलिस ने कार्रवाई का डर दिखाकर सबको शांत कराया। पुलिस लोगों को अपने साथ नगर थाना भी ले गई। बाद में दोनों पक्षों ने किसी प्रकार की प्राथमिकी दर्ज कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें समझाकर घर भेज दिया।

जानकारी के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वाजितपुर गांव निवासी युवक पहले से शादीशुदा होने के बावजूद एक अन्य महिला के संपर्क में था। महिला भी शादीशुदा है और पहले से उसके पांच बच्चे हैं। युवक उससे शादी करना चाहता था। युवक ने महिला को कुछ आभूषण आदि भी दिए हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद युवक के परिजन और उसके ससुराल पक्ष के लोग मंगलवार को सदर अस्पताल पहुंच गए। युवक के परिजनों का आरोप था कि जो गहने महिला को दिए गए वे भतीजी का शादी के लिए खरीदे गए थे।
अस्पताल परिसर देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया लेकिन दोनों पक्षों के लोग काफी देर तक नहीं माने। नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर अलग किया। सदर अस्पताल के प्रबंधक प्रफुल्ल कांत निराला ने बताया कि अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई थी।
इधर युवक का कहना था कि वह न्यायालय के आदेश पर इलाज कराने अस्पताल आया था। हालांकि, पूरे मामले की विस्तृत जानकारी अस्पताल प्रबंधन को नहीं थी। नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि दोनों पक्ष अस्पताल आए थे। विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर घर भेज दिया गया। किसी भी पक्ष की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन नहीं दिया गया है।

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