सहरसा: बिहार के सहरसा में साइबर ठगों ने एक पिता को बेटी के दिल्ली होटल में आपत्तिजनक अवस्था में पकड़े जाने का भय दिखाकर 1 लाख 13 हजार 500 रुपये ठग लिए. ठग ने खुद को सदर थाना प्रभारी बताकर दबाव बनाया और अलग-अलग यूपीआई स्कैनर पर रुपये मंगवाए.

सदर थाना प्रभारी बनकर फोन किया
सदर थाना क्षेत्र के पंचवटी चौक में किराए के मकान में रह रहे अरविंद कुमार सिंह को 13 मई 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे फोन आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को सदर थाना सहरसा का प्रभारी बताया और कहा कि उनकी बेटी दिल्ली के एक होटल में आपत्तिजनक अवस्था में पकड़ी गई है.

तत्काल पैसे भेजने का दबाव
ठग ने मामला मैनेज करने और कार्रवाई से बचाने के नाम पर तुरंत 8,500 रुपये भेजने को कहा. बेटी के बारे में यह सुनकर घबराए अरविंद कुमार ने ठग के भेजे यूपीआई स्कैनर पर रकम ट्रांसफर कर दी. इसके बाद ठग लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर और पैसे मांगता रहा.
कुल 1.13 लाख रुपये ट्रांसफर
पीड़ित ने पहले 17 हजार रुपये भेजे. फिर अलग-अलग यूपीआई स्कैनर के माध्यम से 40 हजार और 50 हजार रुपये भी भेज दिए. इस तरह साइबर ठगों ने कुल 1 लाख 13 हजार 500 रुपये अपने खातों में मंगवा लिए. अरविंद कुमार मूल रूप से सलखुआ थाना क्षेत्र के बहुरवा गांव के रहने वाले हैं.

मोबाइल बंद होने पर हुआ ठगी का एहसास
15 मई को जब पीड़ित ने दोबारा ठग के नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की तो फोन स्विच ऑफ मिलने लगा. तभी उन्हें एहसास हुआ कि बेटी के नाम पर डर और दबाव बनाकर उनके साथ साइबर ठगी की गई है.

1930 पर शिकायत, पुलिस जांच में जुटी
मामले की शिकायत अरविंद कुमार ने साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई है. सहरसा साइबर थाना प्रभारी रवीश रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.