जन्माष्टमी पर सुरंगमा कला केंद्र में सजी भक्ति और संस्कृति की सुरमयी संध्या

मुजफ्फरपुर: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुज़फ्फरपुर स्थित सुरंगमा कला केंद्र में सांस्कृतिक एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था के प्रशिक्षु बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रास और भक्ति पर आधारित मनमोहक गीत, भजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

 

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सुरंगमा कला केंद्र की निदेशिका, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित एवं जिला स्कूल, मुज़फ्फरपुर की पूर्व प्राचार्या डॉ. पुष्पा प्रसाद की भावपूर्ण प्रस्तुति रही। उनकी सुमधुर प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर डॉ. पुष्पा प्रसाद ने सभी देशवासियों एवं शहरवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सुरंगमा कला केंद्र में प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी भजन संध्या का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मना रहा है और सुरंगमा कला केंद्र भी पिछले पाँच दशकों से निरंतर इस परंपरा का निर्वहन करता आ रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। यदि हम गीता के कर्मयोग के सिद्धांतों का अनुसरण करें, तो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता और सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने अंत में “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष के साथ सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम में तेज प्रताप, केशव, कृष्णा, अपराजिता, चंदन सहित अनेक प्रशिक्षुओं ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, कला प्रेमी, अभिभावक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

पूरे आयोजन में भक्ति, संस्कृति और भारतीय परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला। उपस्थित दर्शकों ने सभी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कलाकारों का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीकृष्ण की आरती एवं मंगलकामनाओं के साथ संपन्न हुआ।

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