मुजफ्फरपुर: वीणा कॉन्सर्ट में शनिवार को आयोजित श्रावणी पूर्णिमा महोत्सव-2026 में भगवान शंकर के अलौकिक एवं विविध स्वरूपों को समर्पित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण एवं आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति भगवान शंकर के अर्धनारीश्वर स्वरूप पर आधारित रही।


कलाकारों ने नृत्य, भाव-भंगिमा और तालमेल के माध्यम से शिव के इस अद्भुत स्वरूप को मंच पर साकार किया। इसके बाद महादेव के अघोरी, प्रचंड और विस्तृत स्वरूप को शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। ध्रुपद शैली में गाए गए तथा चौताल (12 मात्राओं) में निबद्ध ‘शंकर अति प्रचंड’ बोल पर कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।


इसके पश्चात वर्षा ऋतु के अनुरूप कजरी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति हुई। नृत्य संरचना डॉ. रंजना सरकार की ओर से की गई थी और इसका संयोजन भी उन्होंने किया। इसके बाद गायन का सिलसिला शुरू हुआ। डॉ. रंजना झा की सुमधुर आवाज ने कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।


कार्यक्रम के अंतिम चरण में भगवान शंकर के शिव तांडव स्तोत्रम् स्वरूप की प्रस्तुति ने समारोह को भव्य समापन प्रदान किया। भगवान शिव के विभिन्न एवं विपरीत स्वरूपों को एक ही मंच पर शास्त्रीय नृत्य और संगीत के माध्यम से प्रस्तुत करना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।

नूपुर कलाश्रम की ओर से आयोजित इस श्रावणी पूर्णिमा महोत्सव में कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोग एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे।

